जयपुर रेलवे स्टेशन पर बिहार के श्रमिकों को दी गई यादगार विदाई, शनिवार को दानापुर पहुंची पहली ट्रेन
पटना। दूसरे राज्यों में फंसे निवासियों को उनके गृह प्रदेश तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार की हरी झंडी के बाद बिहार के लोगों को लेकर पहली ट्रेन शनिवार को दोपहर दो बजे दानापुर पहुंची। 1197 प्रवासियों को लेकर जब श्रमिक एक्सप्रेस दानापुर पहुंची तो उनकी स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम वहां पहले से मौजूद रही। दानापुर रेलवे स्टेशन पर डीएम समेत अन्य आलाधिकारी मौजूद रहे। स्थिति को संभालने के लिए सेना भी बुलाई गई। सभी लोगों को स्टेशन के पास बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में ले जाया जा रहा है।

जयपुर स्टेशन पर दी गई यादगार विदाई
जयपुर रेलवे स्टेशन पर बिहार के निवासियों को लेकर जब ट्रेन रवाना हुई तो वहां मौजूद कोरोना योद्धाओं ने उनको ताली बजाकर यादगार विदाई दी। वे सभी लाइन में दूरी बनाकर खड़े थे। जब सभी यात्री बोगियों में सवार हुए उसके बाद ही ट्रेन रवाना हुई। इस वजह से ट्रेन को खुलने में निर्धारित समय रात्रि दस बजे से कुछ घंटे की देरी हुई।

शनिवार दोपहर को दानापुर पहुंची ट्रेन
जयपुर से रवाना हुई ट्रेन शनिवार को दोपहर दो बजे दानापुर पहुंच गई जिसके बाद सभी श्रमिकों को क्वारंटाइन सेंटर ले जाया गया। इस बारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि क्वारंटाइन जरूरी है। ट्रेन से लोगों की घर वापसी का रास्ता जब साफ हुआ तो उस समय ही सीएम नीतीश कुमार ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर सारी तैयारी करके रखने को कहा था। बिहार सरकार के मुताबिक, प्रदेश के करीब 25 लाख लोग देशभर में फंसे हैं जिनको वापस लाना चुनौतीभरा काम है।

प्रशासन के जिम्मे क्वारंटाइन की व्यवस्था
क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था जिला प्रशासन को दी गई है। सीएम नीतीश कुमार ने मीटिंग में कहा कि सभी क्वारंटाइन सेंटर में खाने, सफाई और इलाज की अच्छी व्यवस्था हो। लौटने वाले प्रवासी लाखों की संख्या में हो सकते हैं इसलिए और क्वारंटाइन सेंटर बनाने की जरूरत पड़ सकती है। यही नहीं, प्रखंड और पंचायत स्तर पर ऐसे केंद्रों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार को हुई इस मीटिंग में प्रदेश के प्रशासन और पुलिस के बड़े अधिकारी मौजूद रहे । बाहर से आने वाले हरेक को क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाना है।












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