बिहार में भाजपा की नौका के केवट बन सकते हैं जीतन राम मांझी!
[विवेक शुक्ला] शरद यादव अपने घर आने वाले पत्रकारों को पालक के पकोड़े जरूर खिलाते हैं, पर उन्हें पटना में जिस तरह का अपमान का घूंट पीना पड़ रहा है उसे वे याद रखेंगे। वे वहां पर पार्टी महासचिव केसी त्यागी के साथ नीतीश कुमार को बिहार की मुख्यमंत्री की कुर्सी फिर से सौंपने की जमीन तैयार करने गए थे।
भाजपा का साथ
पर वे वहां फंस गए। मुख्यमंत्री जीतेन राम मांझी ने उनके उपर तमाम आरोप लगाए। वे अपने मिशन में फेल हुए। अब खबर यह भी है कि मांझी जदयू से अलग होकर अपना अलग दल बना सकते हैं। उन्हें भाजपा समर्थन दे देगी। भाजपा के काफी संख्या में विधायकों को मंत्री पद दे दिया जाएगा।
संवैधानिक संकट
ताजा स्थिति यह है की मुख्यमंत्री के पार्टी से बगावत करने से बिहार में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। इसमें कोई शक नहीं है कि जदयू विधायक दल का फैसला मांझी नहीं मांनेंगे तो गेंद राजभवन के पाले में होगई
विधानसभा भंग की तो...
इस बीच, जानकारों का का कहना है कि मांझी ने अगर विधानसभा भंग करने की सिफारिश की तो राजभवन इसे स्वीकार करने को बाध्य नहीं होगा। इस सिफारिश पर केन्द्र सरकार समेत राष्ट्रपति की सहमति भी आवश्यक होगी।
बहुमत खोया
पटना के वरिष्ठ पत्रकार कृपा शंकर कहते हैं कि मांझी विधायक दल में बहुमत खो सकते हैं।इस बीच,मांझी का आज दिल्ली के लिए रवाना होने का कार्यक्रम है जहां उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आहूत नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेना है।
मांझी फंसे
उधर, जदयू महासचिव केसी त्यागी ने संवाददाताओं से कहा कि मांझी यदि अनुशासन तोड़ते हैं और पार्टी की बैठक में हिस्सा नहीं लेते हैं तो उन्हें पार्टी से हटा दिया जाएगा।
खबर यह भी है कि भाजपा ने मांझी को समर्थन देने की शर्त रखी है कि मांझी जदयू के 30-35 विधायकों को अपने पक्ष में तोड़ें। इतने विधायक होने के बाद भाजपा विधानसभा में मांझी को बाहर से समर्थन दे सकती है। अब मांझी समर्थक नेता मांझी के पक्ष में 35 विधायक बनाने के लिए अभियान चला रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सभी विधायकों को मंत्री का पद देने का लालच दिया जा रहा है। जदयू के जो भी विधायक टूटकर मांझी के साथ जायेंगे, सभी को मंत्री बनाया जाएगा।
कांग्रेस का साथ
उधर कांग्रेस ने जदयू को समर्थन देने का ऐलान किया है। उसने कहा है वह जदयू को विचारधारा के आधार पर समर्थन देगी। लालू की राजद भी जदयू के साथ है।













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