बिहार के डीजीपी ने लॉकडाउन के दौरान बेवजह घूमने वालों को दी चेतावनी, पकड़े जाने पर जा सकते हैं जेल
पटना। 3 मई तक चलने वाले लॉकडाउन के दौरान बिहार के कुछ जरूरी विभागों और कुछ छोटे उद्योगों को आज से खोलने की अनुमति दे दी गई है। इसी मुद्दे पर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अपने बयान में कहा है कि आज से जो कुछ भी जरूरी और सरकारी कार्यालय खुले हैं, तो यह न समझे कि लॉकडाउन खत्म हो गया है। लॉकडाउन अभी भी पूर्ण रूप से 3 मई तक है और लॉकडाउन रहेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि बेजवह घूमने वाले अगर पकड़े जाएंगे तो उनपर केस दर्ज होगा और वो जेल भी जा सकते हैं ।

22 मार्च से लागू लॉकडाउन के बाद बिहार में सोमवार यानी कि 20 अप्रैल से कुछ छूट के साथ कई काम शुरू हो जाएंगे। खास तौर पर रोजगार से जुड़े कार्य शुरू होंगे। साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों में भी काम शुरू हो जाएगा। यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय के जरिए दिशा-निर्देश मिलने के बाद लिया गया है। हालांकि इस छूट के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए देश में 22 मार्च को लागू एक दिवसीय जनता कर्फ्यू के बाद से ही कई काम-काज ठप पड़ चुके थे।
इसके अगले दिन यानी 23 मार्च से बिहार सरकार ने राज्य में 31 मार्च तक लॉक डाउन की घोषणा कर दी थी। वहीं, 24 मार्च की आधी रात से देश में लॉकडाउन लागू हो गया। इसके बाद भी हालांकि स्वास्थ्य, पुलिस, आपदा प्रबंधन, कृषि आदि विभागों में कार्य इन दौरान भी युद्ध स्तर पर चल रहे थे। लेकिन, सरकार के अलग-अलग विभागों में काम लगभग पूरी तरह से बंद पड़ गए थे। इसके साथ ही प्रदेश में सभी तरह के निर्माण कार्य और अन्य गतिविधियां भी रुक सी गई थीं।
सोमवार से उनको फिर से सक्रिय करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सरकारी कार्यालयों में जहां कामकाज का माहौल सामान्य होगा, वहीं कई तरह के निर्माण कार्य भी चालू हो जाएंगे। तीन हजार उद्योग भी शुरू होंगे। इसके खास तौर से यह हिदायत दी गई है कि सारे काम जो शुरू किए जाएं, उनमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित हो। साथ ही सेनेटाइजेशन की भी हर जगह पुख्ता व्यवस्था हो।












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