क्यों 'तालिबान' के आते ही पाकिस्तान में उठने लगे हैं महिला सुरक्षा पर सवाल ?
इस्लामाबाद, 30 अगस्त: अफगानिस्तान में तालिबान की हुकूमत आने के साथ ही उसे संरक्षण देने वाले पाकिस्तान में भी महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान के सिविल सोसाइटी ने वहां महिलाओं के खिलाफ हमले बढ़ने को लेकर गहरी चिंता जताई है। हाल के दिनों में पाकिस्तान में ऐसी कई घटनाएं सामने हुई हैं, जिसमें महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर निशाना बनाया गया है। यही नहीं हाल ही में एक रिपोर्ट ये भी आई है कि पाकिस्तान में लड़कियों को या तो गलत धंधे में धकेला जा रहा है या फिर खाड़ी देशों में बेच दिया जा रहा है। गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वजह से महिलाओं की इज्जत और जान दोनों खतरे में बताई जा रही है।

पाकिस्तान में महिला सुरक्षा को लेकर सिविल सोसाइटी चिंतित
पाकिस्तान के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ऑफ ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल पाकिस्तान ने देश में महिलाओं पर हमले बढ़ने को लेकर चिंता जताई है। जस्टअर्थ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह चिंता पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को लाहौर के मीनार-ए-शरीफ में एक महिला टिकटॉकर पर करीब 400 लोगों की भीड़ के हमले के बाद जताई गई है। यहां गौर करने वाली बात है कि इसके ठीक एक दिन बाद ही काबुल पर तालिबान ने कब्जा कर लिया था, जिसके बाद से वहां की महिलाओं में अपनी सुरक्षा को लेकर कोहराम मचा हुआ है। ऐसी रिपोर्ट आ चुकी हैं कि तालिबान के आतंकवादी घरों में घुसकर लड़कियों को उठा रहे हैं।

महिला सुरक्षा के लिए सख्त कानून पर अमल की मांग
ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल पाकिस्तान के वाइस चेयरमैन मोहम्मद इकबाल ने मोहम्मद अली जिन्ना को याद कर कहा है कि 'उन्होंने ऐसे पाकिस्तान का सपना देखा था, जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हो सकती थीं।' लेकिन, प्रशासन इसे हासिल करने में बुरी तरह से नाकाम रहा है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान को समृद्ध देश के रूप में उभरने के लिए महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना होगा, उन्हें सुरक्षा मुहैया करना होगा और महिलाओं पर हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के लिए सख्त कानून लागू करने होंगे। वहीं टीआईपी के चेयरपर्सन यास्मीन लारी ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा मौजूदा सरकार और पाकिस्तान के क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के लिए एक परीक्षा है। हाल के दिनों में पाकिस्तान में रेप समेत महिलाओं के खिलाफ कई अपराधों में इजाफा हुआ है।

'पाकिस्तान में हर दिन 11 महिलाओं से बलात्कार'
वहीं न्यूज इंटरनेशनल ने अपने एडिटोरियल में इस बात पर चिंता जाहिर की है कि महिलाओं के अधिकार, उनकी इज्जत और उनके प्रति आदर का पाकिस्तान में अभाव है। इसके मुताबिक वहां रोजाना कम से कम 11 महिलाओं के साथ बलात्कार होते हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ रेप हो रहे हैं। इसमें हाल में एक दंपति पर हुए यौन हमले का भी जिक्र किया गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 'यह कोई नई घटना नहीं है, सिर्फ अंतर यह है कि इस मामले में वीडियो सबूत वायरल हो गया और पुलिस को जिम्मेदार शख्स को गिरफ्तार करना पड़ा।' पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग भी वहां महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को उठा चुका है, जिसमें यौन हमले के अलावा घरेलू हिंसा भी शामिल हैं।

'खाड़ी देशों में भेजी जा रही हैं लड़कियां'
कुछ ही दिन पहले पाकिस्तान में एक रिपोर्ट आई है कि वहां लड़कियों के अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इनमें से ज्यादातर को या तो गलत धंधे में लगने को मजबूर किया जाता है या फिर खाड़ी देशों में बेच दिया जाता है। एक पाकिस्तानी मीडिया ने ये खबर दी है। सरीम बरनी ट्रस्ट नाम के ग्रुप ने कहा है कि 2020 में अकेले कराची में 800 बच्चों के गायब होने की सूचना है। इनमें से 234 लड़कियां थीं, जो कि 27 फीसदी हैं। जबकि, 2021 के पहले तीन महीनों में ही 233 बच्चे गायब हुए, जिनमें 74 लड़कियां थीं और वह 31 फीसदी होती हैं। कई बच्चे मिल भी गए लेकिन ज्यादातर का कुछ भी पता नहीं लगा। रिपोर्ट कहता है, 'गरीबी के कारण माता-पिता अपने बच्चों को एजेंट या दलालों के हाथों बेच देते हैं, जो उन्हें या तो वेश्यावृत्ति में लगा देते हैं या खाड़ी देशों में बेच देते हैं।' (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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