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एक टेलीफोन कॉल और रीडआउट को लेकर बढ़ रहा है पाकिस्‍तान-अमेरिका के बीच तनाव

By Richa Bajpai
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    इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपेयो के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत और इसके रीडआउट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पाकिस्‍तान इस बात पर अड़ा है कि अमेरिका को रीडआउट बदलना होगा तो अमेरिका इस बात पर अड़ा है कि रीडआउट में कोई गलती नहीं। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि रीडआउट को बिल्‍कुल भी नहीं बदला जाएगा। गुरुवार को पोंपेयो ने इमरान खान को फोन किया था। अमेरिका की ओर से जारी रीडआउट की मानें तो पोंपेयो ने इमरान खान से टेलीफोन पर आतंकवाद पर भी चर्चा की। वहीं पाकिस्‍तान की मानें तो ऐसा नहीं और आतंकवाद का जिक्र हुआ ही नहीं। पाकिस्‍तान ने अमेरिका से अपनी भूल सुधारने की बात कही थी और कहा था कि रीडआउट का सही वर्जन जारी किया जाए।

    अमेरिका ने कहा नहीं बदलेंगे रीडआउट

    अमेरिका ने कहा नहीं बदलेंगे रीडआउट

    अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्‍ता हीथर नाउएर्ट से जब पूछा गया था कि पाकिस्‍तान के विरोध के बाद क्‍या विदेश विभाग रीडआउट को सही करेगा? इस पर नाउएर्ट ने जवाब दिया, 'हम अपने रीडआउट पर कायम हैं।' उन्‍होंने आगे कहा, 'रीडआउट में दिया गया है कि विदेश मंत्री ने नए प्रधानमंत्री इमरान खान से बात की थी और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने की दिशा में नई सरकार के साथ काम करने की इच्‍छा जाहिर की थी।' उन्‍होंने कहा कि दोनों के बीच फोन पर काफी अच्‍छी बात हुई। हीथर की मानें तो यह बात कुछ लोगों को आश्‍चर्य में डाल सकती है लेकिन उनकी बातचीत काफी अच्‍छी रही।

    क्‍या था रीडआउट में

    क्‍या था रीडआउट में

    जो रीडआउट अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है उसके मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपेयो ने पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से कहा है कि वह देश में मौजूद सभी आतंकियों के खिलाफ 'निर्णायक कार्रवाई' करें। साथ ही अफगानिस्‍तान शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिक अदा करे। लेकिन पाकिस्‍तान का कहना है कि पोंपेयो ने इमरान खान को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी। दोनों नेताओं ने फोन पर वार्ता के समय आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। लेकिन 'पाकिस्‍तान में काम कर रहे आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई' का कोई भी जिक्र नहीं हुआ है। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता मोहम्‍मद फैसल ने कहा, 'अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री पोंपेयो की आज टेलीफोन वार्ता पर तथ्‍यात्‍मक तौर पर गलत बयान जारी किया गया है और पाकिस्‍तान को इस पर एतराज है।'

    रीडआउट पर झूठ बोल चुका है पाक

    रीडआउट पर झूठ बोल चुका है पाक

    पाकिस्‍तान साल 2016 में भी एक रीडआउट को लेकर झूठ बोल चुका है। जिस समय डोनाल्‍ड ट्रंप ने राष्‍ट्रपति चुनावों में जीत हासिल की थी, उसके बाद उन्‍होंने तत्‍कालीन पाक पीएम नवाज शरीफ को कॉल किया था। इस फोन कॉल के बाद पाकिस्‍तान की ओर से रीडआउट रिलीज किया गया। इस रीडआउट के मुताबिक राष्‍ट्रपति ट्रंप ने नवाज और पाकिस्‍तान की जमकर तारीफ की थी। रीडआउट के मुताबिक ट्रंप ने शरीफ को एक शानदार व्‍यक्ति कहा था और पाक को एक शानदार देश बताया था। ट्रंप ने ये वादा भी किया कि वह पिछले कई वर्षों से अटके मुद्दों को भी सुलझाएंगे। लेकिन इसके 24 घंटे बाद ही ट्रंप की टीम की ओर से इस पर बयान जारी किया गया। ट्रंप की टीम ने बताया है कि दोनों नेताओं के बीच इस पर चर्चा हुई थी कि आने वाले समय में पाकिस्‍तान और अमेरिका के रिश्‍ते कैसे बेहतर हो सकते हैं। ट्रंप की टीम का कहना है कि दोनों नेताओं की बातचीत काफी सकारात्‍मक रही थी। इसके अलावा टीम ने बाकी सभी बातों को खारिज कर दिया।

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    English summary
    Tension rising between US and Pakistan over Prime Minister Imran Khan and Secretary of State Mike Pompeo's telephone call and readout.

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