आतंकवाद के सामने झुकी इमरान सरकार, TLP चीफ साद हुसैन जेल से रिहा
इस्लामाबाद, 18 नवंबर: संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों से पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की बात कहता है, लेकिन वक्त-वक्त पर उसका चेहरा बेनकाब होता रहता है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक (TLP) संगठन के प्रमुख साद हुसैन रिजवी का नाम आतंकवादियों की लिस्ट से बाहर कर दिया था। अब गुरुवार को उसको जेल से भी रिहा कर दिया गया। रिजवी पर आतंकवाद, हिंसा, हत्या समेत 100 से ज्यादा केस दर्ज हैं।

पाक मीडिया के मुताबिक इमरान सरकार ने विरोध के बावजूद रिजवी की रिहाई का फैसला लिया है। वो पिछले 6 महीने से जेल में बंद था। जब पाकिस्तान ने उसका नाम आतंकियों की लिस्ट से हटाया, तो भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी आलोचना हुई थी, लेकिन इमरान सरकार नहीं सुधरी और उसकी रिहाई का आदेश जारी कर दिया। कहा जा रहा है कि आतंकवाद प्रेम और बहुत से नाराज लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए ये फैसला लिया गया है।
10 हजार लोगों ने डाला था डेरा
अक्टूबर के अंत में जब प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी पत्नी के साथ उमरा करने गए थे, तो TLP के 10 हजार कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद के बाहर डेरा डाल दिया था। उस दौरान उन्होंने साफतौर पर चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने साद हुसैन को रिहा नहीं किया, तो इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। उससे पहले अप्रैल में साद के संगठन ने कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन किए थे, जिसमें दो दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौत हुई। इसके अलावा बहुत से TLP कार्यकर्ता भी मारे गए।












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