परवेज मुशर्रफ को मिल सकती है सजा ए मौत, कोर्ट ने ठहराया राजद्रोह

साल 1999 से 2008 तक पाकिस्तान सरकार चलाने वाले 70 वर्षीय मुशर्रफ ने कहा कि मैं इस अदालत और अभियोजन का सम्मान करता हूं, मैं कानून में यकीन रखता हूं, मुझे अहम की समस्या नहीं है और इस साल करांची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी की अदालतों में 16 बार हाजिर हुआ हूं। उन्होंने कहा कि मुझे राजद्रोही कहा जा रहा है, मैं नौ साल तक सेना प्रमुख रहा हूं और मैंने 45 साल सेना में सेवा की है। मैंने दो युद्ध लड़े, क्या यह राजद्रोह है?
अदालत में सोमवार को हाजिर न होने के कारण मुशर्रफ के खिलाफ एक गैरजमानती वारंट पहले ही जारी किया जा चुका है। मुशर्रफ को अदालत ले जाने के लिए पुलिस दल और कमांडो सोमवार की सुबह ही एएफआईसी पहुंचे गए थे। उनकी सुरक्षा के लिए रास्तों में 3,000 पुलिस और रेंजर्स तैनात किए गए थे। मुशर्रफ पर 2007 में आपातकाल लागू करने और संविधान निलंबित करने के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। मुशर्रफ 2008 में राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देकर निर्वासन में चले गए थे। संसदीय चुनाव लड़ने के लिए मार्च 2013 में वह पाकिस्तान वापस आए थे लेकिन अदालत ने उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहरा दिया था।












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