पाकिस्तानी मंत्री ने कहा देश की हालत खराब, कम चाय पियें, लोगों ने कहा आप चाय-सुट्टा पीना छोड़िए
इस्लामाबाद, 14 जूनः पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। यहां की इकॉनमी एकदम से पस्त हो चुकी है। सरकार को पता ही नहीं चल रहा है कि इस देश की अर्थव्यवस्था को कैसे उबारा जाए। शहबाज सरकार चीन, सऊदी अरब जैसे देशों से कर्ज की तलाश में हैं। इसके साथ ही इस्लामाबाद अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से भी मदद की आस में है। इसी बीच मंगलवार को पाकिस्तान सरकार की हताशा तब झलक गयी जब एक केंद्रीय मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए लोगों से चाय कम पीने के लिए कह दिया।

कम चाय पीने की अपील
केंद्रीय मंत्री एहसान इकबाल ने देश की ढ़ह रही अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए लोगों से कम चाय पीने की अपील की है। एक प्रेस मीटिंग में एहसान इकबाल ने कहा, "मैं देश की जनता से रोजाना एक-एक प्याली, दो-दो प्यालियां कम पीने की आग्रह करता हूं।'' मंत्री ने कहा कि अभी हम जो भी चाय खरीदते हैं वह भी हम उधार लेकर खरीदते हैं। एहसान योजना, विकास और स्पेशल इंसेंटिव के प्रमुख हैं।

पाकिस्तान में कर रहा ट्रेंड
मंत्री एहसान मलिक के इस बयान के बाद पूरे पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड करने लगा। नेटिजन्स ने सोशल मीडिया साइट्स पर एहसान इकबाल का खूब मजाक उड़ाया है। कुछ यूजर्स का कहना है कि अब सरकार को चाहिए कि वह घर-घर जाकर यह मॉनिटर करे कि लोग कितनी चाय पी रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों मंत्री एहसान मलिक को चाय और सुट्टा पीना बंद करने की भी सलाह दी।

ज्ञान न दें काम करे सरकार
एक यूजर ने लिखा कि यह कैसी सरकार है जो देश में अनुकूल माहौल बनाने, किसानों को स्थानीय स्तर पर चाय की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के बजाए आम लोगों को कम चाय पीने के लिए कह रही है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा है कि मैं जब सोकर उठा तो मेरे हाथ चाय का एक प्याला था तभी मैंने इन अरस्तू साहब को सुना कि ये कह रहे हैं कि आप चाय कम पीना शुरू कर दें। हम बता रहे हैं। हमसे ये न हो पाएगा। हम सब कुछ छोड़ सकते हैं मगर चाय पीना नहीं छोड़ सकते। इनसे कहिए कि ये कोई आर्थिक नीति लाएं। फालतू का ज्ञान कम चिपकाएं।

श्रीलंका जैसे हो सकते हैं हालात
आपको बता दें कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस वक्त काफी तेजी से बिगड़ रही है और पाकिस्तान को अगर फौरन मदद नहीं मिली तो देश के हालात अगले कुछ महीनों में श्रीलंका जैसे ही हो जाएंगे। कुछ अनुमानों में इस वित्तीय वर्ष में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा लगभग 17 अरब डॉलर या उसकी जीडीपी से 4.5% से ज्यादा हो गया है।

बस 10 अरब डॉलर का बचा भंडार
पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से गिरावट आई है और पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने पिछले महीने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा था कि, फरवरी के अंत में पाकिस्तान के पास 16.3 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था, जिसमें 6 अरब डॉलर और खत्म हो चुके हैं और पाकिस्तान के पास अब सिर्फ 10 अरब डॉलर का ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है।












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