पाक में सेना से सजा पाए आतंकियों की सजा पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तान की सुप्रीम कोर्ट ने मिलिट्री कोर्ट से सजा पाए आतंकियों की सजा बरकरार रखी है। यह इतिहास में पहला मौका है जब सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिलिट्री कोर्ट के किसी फैसले को कायम रखा गया है। इसके साथ ही पाक सुप्रीम कोर्ट ने पेशावर आतंकी हमले में शामिल 16 आतंकियों की याचिका को खारिज कर दिया।

supreme-court-pakistan-military-court-terrorists.jpg

पढ़ें-पठानकोट हमले में अमेरिका की जानकारी बढ़ाएगी पाक की टेंशन!

182 पेज का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने अपने 182 पेज के फैसले में कहा है कि ऐसा कहीं से भी नहीं लगता कि सेना ने आतंकियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पाक के वकीलों और सिविल सोसायटी के उन हजारों

कार्यकर्ताओं के लिए तगड़ा झटका है जो मिलिट्री कोर्ट से आने वाले आदेशों पर रोक लगाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।

कौन-कौन से आतंकी

पांच सदस्‍यों की एक बेंच, जिसमें पाक के चीफ जस्टिस अनवर जहीर जमाली भी शामिल थे, ने 20 जून को आतंकियों की अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इन आतंकियों में पेशावर आर्मी स्‍कूल पर हुए हमले में शामिल आतंकियों के अलावा, रावलपिंडी के परेड ग्राउंड पर बम फेंकने वाले आतंकी, बानू जेलब्रेक में शामिल आतंकी और कई आर्मी ट्रूप्‍स और संस्‍थानों पर हमले करने वाले आतंकी थे।

पढ़ें-आतंकियों की पनाहगाह बनने पर अमेरिका ने लगाई पाक को लताड़T

सीक्रेट जगह पर हुआ था ट्रायल

इन आतंकियों पर पेशावर आतंकी हमले के बाद शुरू हुए स्‍पेशल मिलिट्री कोर्ट्स में ट्रायल चलाया गया था। यह ट्रायल एक सीक्रेट जगह पर हुआ था और सेना ने इसके पीछे सुरक्षा का हवाला दिया था। पाक सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ पहले ही आतंकियों की अपील को खारिज कर चुके थे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Pakistan Supreme Court upholds the conviction of terrorists and it was for the first time when Supreme Court has ruled out the legality of cases tried by military.
Please Wait while comments are loading...