आर्थिक मदद मांगने के लिए दो हफ्तों में तीन देशों पर रवाना होने वाले हैं पाकिस्तान के पीएम इमरान खान
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दो हफ्तों में तीन मित्र देशों के दौरे पर रवाना होने वाले हैं। इमरान इन देशों के दौरे पर जाएंगे तो उनका मकसद न सिर्फ आर्थिक सहायता मांगना होगा बल्कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर (सीपीईसी) पर भी बातचीत करेंगे। इमरान खान चीन, सऊदी अरब और मलेशिया के दौरे जाएंगे और सोमवार को वह सऊदी अरब पहुंचेगे। इसके बाद मलेशिया और फिर चीन के दौरे पर भी जाएंगे। तीन नवंबर को इमरान अपने पहले आधिकारिक चीन दौरे के लिए निकलेंगे।

तुरंत चाहिए 12 से 13 बिलियन डॉलर
इमरान की कैबिनेट में शामिल एक मंत्री की ओर से कहा गया है कि निश्चित तौर पर इमरान तीनों मित्र देशों के सामने आर्थिक मदद की मांग करेंगे। पाकिजस्तान इस समय बड़े कैश क्रंच का सामना कर रहा है और उसे जल्द से जल्द संकट से निबटने के लिए आर्थिक मदद की जरूरत है। कैबिनेट के इस सदस्य की ओर से कहा गया है कि सरकार को 12 से 13 बिलियन डॉलर की तुरंत जरूरत है ताकि संकट को कुछ दूर किया जा सके। इस मंत्री के मुताबिक पाकिस्तान को विदेशी कर्ज चुकाने के लिए आठ बिलियन डॉलर और पांच बिलियन डॉलर की जरूरत सरकार के कामकाज के लिए है। ऐसे में अगर मित्र देशों की ओर से थोड़ी मदद मिलती है तो फिर काफी आसानी रहेगी।

खाशोगी की हत्या के बीच सऊदी अरब का दौरा
इस मंत्री की ओर से उम्मीद जताई गई है कि इमरान खान के दौरे पर पाक को कुछ मदद जरूर मिलेगी और इस मदद के बाद पाक को अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की मदद जरूरी नहीं होगी। इमरान सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मंगलवार से गुरुवार तक सुल्तान सलमान बिन अब्देल अजीज के साथ एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे। दिलचस्प बात है कि जहां जर्नलिस्ट जमाल खाशोगी की मौत के बाद कई देशों ने इस कॉन्फ्रेंस का बायकॉट कर दिया है तो पाकिस्तान इसमें शिरकत कर रहा है। इमरान इसके बाद 28 से 29 अक्टूबर तक दो दिनों के मलेशिया दौरे पर जाएंगे। यहां पर इमरान अपने मलेशियाई समकक्ष डॉक्टर महाथिर मोहम्मद से मुलाकात करेंगे।

चीन के दौरे पर सीपीईसी पर करेंगे चर्चा
मलेशिया के बाद इमरान खान तीन नवंबर को चीन के दौरे पर जाएंगे। चीन के दौरे पर इमरान, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ सीपीईसी पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की जाएगी। नवाज शरीफ सरकार के कार्यकाल में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया गया था। लेकिन इमरान की सरकार उन प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो कृषि, रोजगार निर्माण और विदेश निवेश को प्रोत्साहित कर सकें। हालांकि ऐसी भी खबरे हैं कि इमरान की सरकार की ओर से सीपीईसी के दो इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंड की कमी की वजह से सस्पेंड कर दिया गया था। इसके अलावा एनर्जी सेक्टर के भी कई प्रोजेक्ट्स रोक दिए गए थे।












Click it and Unblock the Notifications