कोरोना वायरस: नागरिकों की जान देकर चीन से दोस्ती का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, वुहान से नहीं निकाले जाएंगे छात्र
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सरकार ने फैसला किया है कि वह अपने नागरिकों को कोरोना वायरस से जूझते चीन के वुहान से नहीं निकालेगा। सरकार ने यह कदम चीन के साथ 'एकजुटता' प्रदर्शित करने के मकसद से उठाया है। सरकार के सीनियर ऑफिसर की तरफ से गुरुवार को इस बात की जानकारी दी गई है। खतरनाक कोरोना वायरस हुबेई प्रांत के वुहान से ही निकला है और अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है।

चार छात्रों में देखे गए लक्षण
पाकिस्तान के चार नागरिकों में कोरोना वायरस के लक्षण देखे गए हैं। इसके बाद भी पाकिस्तान अपने नागरिकों को न निकालने पर अड़ा है। प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहायक डॉक्टर जफर मिर्जा की तरफ से बताया गया है कि पाकिस्तान ने फैसला किया है कि वह चीन से अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। डॉन न्यूज ने उनके हवाले से बताया, 'हमें लगता है कि अभी चीन में बसे हमारे अपनों के हित में यहीं होगा कि वे वहीं रहें। यह इस क्षेत्र के हित, दुनिया और देश के हित में है कि हम उन्हें अभी नहीं निकाल रहे हैं।'

छात्रों को निकाला तो महामारी फैल जाएगी
उन्होंने आगे कहा कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्लूएचओ) भी यही कह रहा है और यह चीन की नीति है और पाकिस्तान भी इस नीति को अपनाता है। उन्होंने आगे कहा, 'हम इस समय चीन के साथ हैं।' मिर्जा ने आगे कहा, 'चीन की सरकार ने अभी इस महामारी को वुहान में ही रोका हुआ है। अगर हम गैर-जिम्मेदाराना तरीके से बर्ताव करेंगे और लोगों को वहां से निकालना शुरू कर देंगे तो महामारी पूरी दुनिया में जंगल की आग की तरह फैल जाएगी।' बुधवार को मिर्जा ने इस बात की पुष्टि की थी कि चीन में चार पाक छात्रों में कोरोना वायरस पाया गया है। उन्होंने बताया कि संख्या में अभी कोई इजाफा नहीं हुआ है और चार ही लोगों में इसके लक्षण पाए गए हैं।

हमें अपने लोगों की है परवाह
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से नागरिकों को न निकालने का मतलब यह नहीं है कि हमें उनकी परवाह नहीं है। उन्होंने बताया कि चीन में स्थित पाक दूतावास लगातार नागरिकों के संपर्क में है। सरकार मानती है कि वायरस को रोकने की चीन की नीति जरूरी है। मिर्जा ने कहा कि सरकार, पाक नागरिकों को अपने परिवार की तरह समझती है लेकिन वह इस मौके पर कोई भावनात्मक फैसला नहीं लेना चाहती है। न ही पाक महामारी के दुनिया में फैलने की वजह बनना चाहता है।

भारत ने शुरू किया छात्रों को निकालना
उधर, वुहान में पाक छात्रों का कहना है कि चीनी अथॉरिटीज उन पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह तुरंत उन्हें यहां से निकाले। पाक अखबार द नेशन की ओर से इस बाबत जानकारी दी गई है। भारत सरकार ने उन भारतीयों को वुहान से इवैक्युएट करने का मन बना लिया है जो वुहान में हैं और देश लौटना चाहते हैं। आज से सेंट्रल चीन के वुहान से भारतीयों को निकालने की प्रक्रिया शुरू होगी। यहां पर 600 से ज्यादा भारतीयों ने देश वापस लौटने की इच्छा जताई है। शुक्रवार को पहली फ्लाइट से करीब 400 भारतीयों को वुहान और आसपास के इलाकों से निकाला जाएगा।












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