हाफिज सईद के जेयूडी को बचाने के लिए ISI का नया प्लान, दो हिस्सों में बैन के बाद भी कर रही संस्था
इस्लामाबाद। पिछले दिनों पाकिस्तान की ओर से ऐलान किया गया कि उसने आतंकी हाफिज सईद की दो संस्थाओं जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) पर बैन लगा दिया है। लेकिन अब पाक की इंटेलीजेंसी एजेंसी आईएसआई ने एक नई चाल चली है ताकि जेयूडी को दुनिया की नजरों से बचाया जा सके। इंटेलीजेंस ब्यूरों (आईबी) की मानें तो आईएसआई के कहने पर जेयूडी के दो अलग-अलग हिस्से बना दिए गए हैं। इन दोनों ही संस्थाओं के नाम हैं जम्मू-कश्मीर मूवमेंट और रेस्क्यू, रिलीफ एंड एजुकेशन फाउंडेशन।

इमरान ने लिया फैसला, आईएसआई ने निकाला तरीका
सूत्रों की मानें तो जम्मू-कश्मीर मूवमेंट को जेयूडी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं रेस्क्यू, रिलीफ एंड एजुकेशन फाउंडेशन को फलाह-ए इंसानियत फाउंडेशन यानि एफआईएफ से जुड़े काम को देखने को कहा गया है। इन दोनों संगठनों के नाम इस तरीके से रखे गए हैं जिससे दुनिया यही समझती रहे कि यह कोई चैरिटी ऑर्गनाइजेशन इन चैरिटी संस्थाओं के नाम पर पाकिस्तान दुनिया के कई देशों से इकट्ठे किए गए पैसे को भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में लगाया जाएगा। गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (एनएससी) की मीटिंग हुई थी।
मीटिंग में साल 2008 में हुए मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा और उसकी संस्था फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगाने फैसला किया गया। पाकिस्तान के आतंरिक मंत्रालय की ओर से बताया गया कि पीएम इमरान के ऑफिस में हुई मीटिंग में इन दोनों ही संस्थाओं को बैन करने का फैसला लिया गया था। जेयूडी के नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक प्रकाशन और एम्बुलेंस सेवा शामिल हैं। दोनों समूहों के पास करीब 50,000 वॉलेंटियर्स और सैकड़ों की संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं जिन्हें सैलरी दी जाती है।












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