कुत्तों के काटने और सांप के डसने तक का इलाज नहीं पाकिस्तान में, भारत से खरीदता अरबों रुपयों की दवाईयां
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) जिस पर देश के स्वास्थ्य का जिम्मा है वह एंटी-रेबीज-रोधी और विष-रोधी दवाओं का प्रोडक्टशन देश में मांग के अनुसार करने में सक्षम नहीं है। आर्थिक संकट से गुजरता पाकिस्तान इन दवाईयों के लिए पूरी तरह से भारत पर निर्भर हैं। पाकिस्तान के अखबार द नेशन की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। पाकिस्तान ने पिछले छह महीनों में भारत से 2.56 अरब रुपए की दवाइयां आयात की हैं।

संसद में पेश हुई रिपोर्ट
द नेशन के मुताबिक पाकिस्तान की प्रोडक्शन यूनिट्स देश में दवाइयों की खपत के अनुसार उत्पादन नहीं करती हैं। पाकिस्तान में जितनी जरूरत है उसके मुताबिक टीके नहीं बनने के कारण उसने पिछले 16 महीनों में भारत से 3.6 करोड़ डॉलर यानी 250 करोड़ रुपए से अधिक के टीकों का आयात किया है। पाकिस्तान के सांसद रहमान मलिक ने भारत से खरीदी जा रही दवाओं की मात्रा और इनके मूल्य के बारे में सवाल किया। इसके बाद एनआईएच ने संसद की स्थायी समिति को इस बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि रेबीजरोधी और विषरोधी दोनों तरह के टीके देश में बनाए जाते हैं। हालांकि इससे मांग की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण भारत से इन्हें आयात किया जा रहा है। आपको बता देंकि रेबीज एक प्रकार का जहरीला वायरल है जो बिल्ली, कुत्तों और बंदर के काटने पर इंसान को होता है़। यह खून या लार के जरिए शरीर में प्रवेश करता है।












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