68 साल में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में जो कभी नहीं हुआ, वो अब होगा, नाक तक कर्जे में डूबा पड़ोसी मुल्क
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जब ट्विटर पर उर्दू में भारत को मदद की पेशकश कर रहे थे, ठीक उसी समय उनकी सरकार देश की अर्थव्यवस्था को मापने में लगी थी। पाक पीएम ने तो भारत को मदद की पेशकश कर दी लेकिन अगर उनके आर्थिक सलाहकार डॉक्टर अब्दुल हाफिज शेख की तरफ से देश की अर्थव्यवस्था पर चौंकाने वाली जानकारी इमरान खान को दे दी गई है। अब्दुल हाफिज की तरफ से इकोनॉमिक सर्वे जारी किया गया है। इस सर्वे के नतीजे इमरान खान के लिए डराने वाले हैं।

रिलीज हुआ इकोनॉमिक सर्वे
पाक के इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक पाकिस्तान पर कर्ज देश की जीडीपी का 88 प्रतिशत तक होने वाला है। सिर्फ इतना ही नहीं देश की अर्थव्यवस्था 68 साल में पहली बार 0.4 प्रतिशत तक सिकुड़ेगी। हालांकि सर्वे से अलग पाकिस्तान के लिए विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की तरफ से थोड़ी उम्मीद जगाने वाली खबर दी गई है। दोनों संस्थाओं के मुताबिक पाक की अर्थव्यवस्था 2.6 प्रतिशत तक बढ़ेगी। पाक का वित्त वर्ष जून में खत्म हो रहा है। शेख ने इस खराब हालत की जिम्मेदारी पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर डाल दी है। नवाज की पार्टी पाकिस्तानी मुस्लिम लीग (नवाज) ने साल 2013 से 2018 तक देश पर शासन किया था।

अपने देश की हालत पर खामोश इमरान
दिलचस्प बात है कि इमरान खान ट्विटर पर भारत को मदद की पेशकश तो कर रहे थे लेकिन अपनी सरकार का इकोनॉमी वाला रिपोर्ट कार्ड नहीं ट्वीट कर सके। इमरान की तरफ से भारत को मदद की पेशकश की गई थी। इमरान ने एक रिपोर्ट के हवाले से मदद वाला ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, 'इमरान खान ने एक खबर का लिंक ट्वीट कर कहा, 'इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के 34 प्रतिशत घरों में लोग बिना सहायता के एक सप्ताह से ज्यादा समय तक नहीं चल सकते हैं। मैं भारत की मदद और ट्रांसफर प्रोग्राम को साझा करने के लिए तैयार हूं। हमारे कैश ट्रांसफर प्रोग्राम की जनता तक पहुंच और पारदर्शिता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई है।'
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भारत बोला-हमारा पैकेज तुम्हारी जीडीपी से बड़ा
उन्होंने आगे लिखा, 'हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक 120 अरब रुपए नौ सप्ताह के अंदर एक करोड़ परिवारों को बेहद पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर किए हैं। ताकि गरीब परिवार कोरोना वायरस के कहर से आसानी निपट सकें।' पाकिस्तान के इस बड़बोलेपन पर भारत ने करारा जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'अच्छा होगा कि पाकिस्तान यह याद रखे कि उनकी जीडीपी का 90 प्रतिशत हिस्सा कर्ज से जूझ रहा है। जहां तक भारत का सवाल है तो उनकी जीडीपी से ज्यादा बड़ा तो कोरोना काल में घोषित हमारा आर्थिक राहत पैकेज ही है।'

क्यों कही है इमरान ने यह बात
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो और मुंबई की संस्था सेंटर फॉर मॉनिटरिंग द इंडियन इकोनॉमी की रिपोर्ट में भारत को लेकर एक दावा किया गया था। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 84 प्रतिशत भारतीय घरों में लॉकडाउन के बाद आय में गिरावट आई है। कुल परिवारों में एक तिहाई परिवार बिना अतिरिक्त मदद के एक सप्ताह से ज्यादा जिंदा नहीं रह सकते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों के खाते में तत्काल पैसा और उन्हें भोजन देने की सख्त जरूरत है।












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