इमरान खान की उल्टी गिनती शुरू? सहयोगी ने कहा 100% संकट में हैं, बौखलाए पाकिस्तानी पीएम ने ऐसे धमकाया
इस्लामाबाद, 16 मार्च: पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार इसी महीने गिर सकती है। उनके खिलाफ विपक्ष ने तो बहुत दिनों से मोर्चा खोला हुआ है, लेकिन अब उनके सहयोगी भी उन्हें समर्थन जारी रखने पर विचार कर रहे हैं। अगर इस महीने होने वाले अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान तक इमरान सरकार की तीन प्रमुख सहयोगियों ने कोई कड़ा फैसला ले लिया तो बड़बोले इमरान की बोलती राजनीतिक तौर पर बंद हो सकती है। क्योंकि, इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की सरकार कई दलों के समर्थन से चल रही है। इस बीच पाकिस्तानी पीएम ने अविश्वास मत लाने पर अड़े विपक्षी दलों को धमकाना भी शुरू कर दिया है।

इमरान खान की उल्टी गिनती शुरू?
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार संकट में आ चुकी है। इमरान सरकार को समर्थन दे रही एक पार्टी के बड़े नेता ने बताया है कि सरकारी की तीन सहयोगी पार्टियां कैबिनेट से निकलने वाली हैं, जिससे संसद में इमरान सरकार अल्पमत में आ जाएगी। गौरतलब है कि इसी महीने के आखिर में विपक्षी पार्टियां सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। मंगलवार शाम को इमरान सरकार की एक प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद के नेता चौधरी इलाही ने हम टीवी को सरकार पर आए संकट को लेकर यह संकेत दिया है। कुछ मंत्रियों ने पहले ही कहा है कि 28 से 30 मार्च के बीच में अविश्वास मत पर वोटिंग करवाई जा सकती है।

100% मुश्किल में हैं इमरान- सहयोगी
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद के पांच सदस्य हैं और वह सरकार को समर्थन दे रहे हैं। इलाही ने पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के बारे में कहा है कि 'यह इमरान खान पर निर्भर है कि वह निजी तौर पर अपने सहयोगी दलों तक पहुंचें और उन्हें गठबंधन सरकार में बने रहने के लिए समझाएं।' उन्होंने कहा नहीं तो 'वे 100% मुश्किल में हैं।' विपक्षी दल इमरान सरकार पर अर्थव्यस्था और विदेश नीति को चौपट करने का आरोप लगाकर मोर्चा खोले हुए हैं और नेशनल असेंबली के स्पीकर से अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग कर रहे हैं।

तीनों प्रमुख सहयोगी कर रहें समर्थन वापसी पर विचार
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायद के नेता इलाही ने कहा है कि उनकी पार्टी के 5 सांसद, 5 सांसदों वाली बलूचिस्तान अवामी पार्टी और 7 सदस्यों वाली मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान ने विपक्ष का समर्थन करने या सरकार के साथ बने रहने को लेकर एकमत से फैसला लेना तय किया है। इन तीनों दलों के 17 सांसदों ने अगर इमरान सरकार के खिलाफ जाने का फैसला किया तो उनकी कुर्सी जानी तय है, क्योंकि नेशनल असेंबली में उन्हें सिर्फ 7 सीटों का ही बहुमत है।

इमरान ने शुरू की नई पैंतरेबाजी
उधर पाकिस्तानी न्यूज एजेंसी डॉन की रिपोर्ट से लगता है कि सरकार को खतरे में देखकर इमरान खान ने नई पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। उन्होंने विपक्षी दलों के सांसदों को धमकाया है कि अविश्वास मत पर वोटिंग के लिए जाने से पहले उन्हें उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 10 लाख कार्यकर्ताओं का सामना करना होगा, जो संसद के रास्ते में सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। इमरान की इस हरकत पर उनके सहयोगी और बलूचिस्तान अवामी पार्टी के नेता खालिद मागसी ने ही उन्हें चेतावनी दे डाली है कि उनकी यह कथित जनसभा, 'राजनीति और देश में अराजकता' पैदा करेगी।

क्या इसी महीने गिर जाएगी इमरान सरकार ?
342 सीटों वाले पाकिस्तान के निचले सदन नेशनल असेंबली में बहुमत के लिए 172 सांसद होने चाहिए। इमरान की अपनी पार्टी पीटीआई के पास 155 सांसद हैं, जबकि तीन प्रमुख सहयोगियों के 17 सांसदों का भी उन्हें समर्थन है। इनके अलावा अवामी मुस्लिम लीग पाकिस्तान का 1, जम्हूरी वतन पार्टी का 1, ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस के 3 और दो निर्दलीय सांसदों का भी उनकी सरकार को बार से समर्थन मिला हुआ है। ऐसे में अगर सरकार में शामिल दलों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान का फैसला किया तो इमरान खान के बड़बोलेपन वाले कार्यकाल का इसी महीने अंत निश्चित लग रहा है।












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