पाकिस्तान में आग उगल रहे कट्टरपंथी, France ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने को कहा

इस्लामाबाद, अप्रैल 15। पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब विदेशी नागरिकों के ऊपर खतरा मंडराने लगा है। ताजा मामला फ्रांस से जुड़ा है जिसमें पाकिस्तान में बढ़ते खतरे को देखते हुए फ्रांस की सरकार ने अपने नागरिकों के लिए सलाह जारी की है। इसमें फ्रांस के हितों को गंभीर खतरा बताते हुए नागरिकों को पाकिस्तान छोड़ने को कहा गया है।

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    पाकिस्तान में फ्रांस विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा

    पाकिस्तान में फ्रांस विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा

    पाकिस्तान में कट्टरपंथी समूह फ्रांस के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। पाकिस्तान में ईशनिंदा को लेकर कट्टरपंथी रुख के चलते चर्चा में आई तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थक अब फ्रांस के खिलाफ सड़कों पर हैं। खुद को इस्लाम का रक्षक बताने वाली तहरीक ए लब्बैक समर्थकों की मांग है कि पाकिस्तान सरकार फ्रांस से सभी तरह के रिश्ते खत्म करे।

    फ्रांस की पत्रिका शार्ली हेब्दो में पैंगबर मुहम्मद के कार्टून को लेकर टीएलपी समर्थक पिछले कई दिनों से तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान के समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे। एक दिन पहले पार्टी के नेता साद हुसैन रिजवी और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए। हालांकि हिंसक प्रदर्शनों के बाद टीएलपी पर आतंकवाद निरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख रशीद ने इसकी जानकारी दी है।

    राजनयिक स्रोतों के हवाले से खबर आई है कि पाकिस्तान में रह रहे फ्रांसीसी नागरिकों और कंपनियों को खतरे के लिए आगाह किया गया है। इसमें कहा गया है कि कट्टरपंथी इस्लामी समूह टीएलपी फ्रांसीसी नागरिकों और उसके हितों को निशाना बना सकता है।

    रायटर्स की खबर के मुताबिक दूतावास से पाकिस्तान में रह रहे फ्रांसीसी नागरिकों से "पाकिस्तान में फ्रेंच हितों पर गंभीर खतरे के चलते" देश छोड़ने की सलाह दी गई है और फ्रांसीसी कंपनियों से अपना काम अस्थायी रूप से बंद करने को कहा गया है।

    किस मामले पर भड़का है विवाद?

    किस मामले पर भड़का है विवाद?

    पाकिस्तान से फ्रांस के रिश्ते पिछले साल उस समय बुरी स्थिति में पहुंचे थे जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इतिहास के अध्यापक पेटी सैम्युएल को श्रद्धांजलि दी थी। पेटी सैम्युएल को फ्रीडम ऑफ स्पीच की क्लास के दौरान पैगम्बर का कार्टून दिखाने के लिए एक 18 वर्षीय चेचेन मूल के युवक ने गला काटकर हत्या कर दी थी।

    इतिहास शिक्षक को श्रद्धांजलि की तस्वीरों ने पाकिस्तान समेत इस्लामी जगह में गुस्सा भड़का दिया था। यहां तक कि एक महिला पाकिस्तानी मंत्री ने तो यहां तक कह दिया था कि मैक्रों उसी तरह से मुसलमानों के साथ व्यवहार कर रहे हैं जिस तरह नाजियों ने यहूदियों के साथ किया था। हालांकि फ्रांस के कड़े विरोध के बाद पाकिस्तानी मंत्री ने बयान वापस लिया था।

    जब टीएलपी के सामने झुकी थी इमरान सरकार

    जब टीएलपी के सामने झुकी थी इमरान सरकार

    पिछले साल जब पार्टी के संस्थापक मौलाना खादिम हुसैन रिजवी जीवित थे जब टीएलपी ने इसे लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था जिसके बाद पाकिस्तान की इमरान सरकार ने टीएलपी के साथ समझौता किया था जिसमें फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार के साथ ही फ्रेंच राजदूत को बाहर किए जाने के लिए संसद की मंजूरी की बात कही गई थी।

    अब एक बार टीएलपी ने फिर उसी मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था जिसके बाद पाकिस्तान की सरकार को उस पर प्रतिबंध लगाना पड़ा है। फ्रांसीसी राजनयिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में यह एक गंभीर स्थिति है और हम समझते हैं जो कभी भी बिगड़ सकती है। इसलिए हम अपने नागरिकों को पहले से ही आगाह कर रहे हैं।

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