चीन ने किया पाकिस्तान का बचाव, कहा आतंकवाद से लड़ाई सिर्फ एक देश की जिम्मेदारी नहीं
बीजिंग। पूरी दुनिया में जहां आतंकवाद पर ढुलमुल रवैये को लेकर पाकिस्तान की आलोचना हो रही है तो वहीं कोई ऐसा भी है जो आतंकवाद पर अपने इस पुराने साथी का बचाव कर रहा है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए ट्रक ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान पर उंगलियां उठ रही हैं, लेकिन इसके दोस्त चीन ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान का बचाव किया है। चीन ने कहा है कि अकेले कोई भी देश आतंकवाद को खत्म नहीं कर सकता है।

निंदा और समर्थन एक साथ
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घनी ने शनिवार को हुए काबुल में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को दोषी ठहराया था। चीन के विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि चीन इस हमले की निंदा करता है। चीन के सहायक विदेश मंत्री ली ह्यूलियाई ने कहा कि चीन आतंकवाद के हर स्वरूप की निंदा करता है। ह्यूलियाई ने आगे कहा कि आज आतंकवाद के जो खतरे हैं उनसे सिर्फ एक देश या सिर्फ एक ही पक्ष सफलतापूर्वक नहीं निबट सकता है। उनसे जब पाकिस्तान के रोल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अंतराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा और आतंकवाद के खतरे से निबटने के लिए एक साथ काम करना होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि चीन सभी पक्षों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय तौर पर मिलकर काम करने को इच्छुक है जो देशों को सुरक्षित करने, क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और विकास के रास्ते पर लेकर जाएगा।
कजाखिस्तान में मोदी और नवाज एक साथ
चीन की ओर से यह बयान तब आया है जब आठ जून से कजाखिस्तान के एश्टाना में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) का आयोजन होना है। एससीओ में चीन, रूस, कजाखिस्तान, कीर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान जैसे देश वर्तमान में सदस्य हैं। ली ने कहा चीन इस ग्रुप में भारत के जुड़ने का स्वागत करता है। आठ जून को जब यह समिट होगी तो उससे अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात होगी। वहीं पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भी यहां मौजूद होने की संभावना है। लेकिन पीएम मोदी और नवाज के बीच कोई मुलाकात होगी, इस बात की संभावना से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने साफ इनकार कर दिया है।












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