पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश सांसद नजीर अहमद के पीएम मोदी के लिए विवादित बोल, कहा, जेटली के बाद उनका नंबर
लंदन। ब्रिटेन के सांसद लॉर्ड नजीर अहमद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की है। अहमद ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के निधन के बाद यह ट्वीट किया था और इस पर बवाल मचा हुआ है। नजीर अहमद ने कहा था कि जेटली के बाद अब पीएम मोदी का नंबर है। इसके बाद भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने उन पर निशाना साधा और उनके सांसद होने पर भी सवालिया निशान लगाया। हालांकि नजीर ने अपनी वह ट्वीट डिलीट कर दिया लेकिन उनके डिलीट करने से पहले इस पर बवाल हो चुका था।

विवादित ट्वीट के आदी अहमद
नजीर अहमद ने 26 अगस्त को ट्वीट किया था। हाउस ऑफ लॉर्ड्स में पहले मुसलमान सांसद नजीर अहमद ने लिखा था, 'विपक्ष के बीजेपी पर जादू, टोना, तंत्र-मंत्र के दावे के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम बाबू लाल गौर, गोवा के पूर्व सीएम मनोहर पर्रिकर की पिछले एक साल के अंदर मौत हो गई। अगला नंबर नरेंद्र मोदी का है।' पांच अगस्त को जब से भारत ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला किया है तब से ही लगातार अहमद अपने ट्विटर हैंडल पर विवादित ट्वीट करने का सिलसिला जारी रखे हुए हैं। वर्तमान में उन पर 1970 के दशक में एक बच्ची और बच्चे के साथ रेप करने की कोशिशों से जुड़ा केस चला रहा है। इन दोनों बच्चों की उम्र 13 साल से भी कम थी। इस मामले की जांच साल 2016 में शुरू हुई थी।
कैसे बन गए हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य
नजीर अहमद के इस विवादित ट्वीट के बाद लोगों ने ट्विटर पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया औ कहा, 'इस तरह के ब्रिटिश प्रबुद्ध वर्ग के बीच मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि इस धरती पर कैसे-कैसे लोग आ गए हैं। क्या आप लोगों को मैनेज करके हाउस ऑफ लॉर्ड के सदस्य बन गए हैं।' रिजिजू के अलावा कुमार विश्वास ने भी अहमद को आड़े हाथों लेते हुए ट्वीट किया और उसके बाद तो ट्विटर पर अहमद की टिप्पणी पर अच्छा खासा-विवाद खड़ा हो गया।

पीओके में हुआ है जन्म
नजीर अहमद का जन्म 24 अप्रैल 1957 को पीओके में हुआ था। हाजी सैन मोहम्मद और राशिम बीबी की संतान, नजीर के पिता उस समय ब्रिटेन चले गए थे जब उनकी उम्र बस 11 साल थी। 18 साल की उम्र में वह लेबर पार्टी से जुड़े थे। ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर ने सन् 1988 में नजीर अहमद को हाउस ऑफ लॉर्ड्स का सदस्य नियुक्त किया था। अहमद को साल 2013 में एक मोटर क्रैश में सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी सजा के लिए यहूदी साजिश को जिम्मेदार बताया। इस घटना के बाद उन्हें तुरंत ही पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया और फिर नजीर अहमद ने लेबर पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

क्या होता है हाउस ऑफ लॉर्ड्स
ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड में उच्च शिक्षित और प्रबुद्ध वर्ग के लोगों को सदस्य बनाया जाता है। ब्रिटेन की संसद का यह सदन हाउस ऑफ कॉमन्स के कामों पर नजर रखता है और पूरी तरह से स्वतंत्र होता है। यहां पर मौजूद सांसदों पर नए कानूनों को तैयार करने और उन्हें आकार देने की जिम्मेदारी होती है। इसके अलावा सरकार के कामकाज पर नजर रखना और उसका आकलप करना भी इसकी जिम्मेदारी में आता है।












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