यूपी चुनाव : दिनेश शर्मा ने जातिवाद के जवाब में समझाया 'ब्राह्मण' होने का अर्थ, जानिए क्या बोले ?
नोएडा, 7 फरवरी: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा ने रविवार को गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्राह्मण एक जाति नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक बेहतर माध्यम है। उन्होंने अपनी पार्टी के बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम करने का जिक्र करते हुए यह बात कही। दिनेश शर्मा ने 'जातिवादी' होने को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना की।

भाजपा प्रत्याशी धीरेंद्र सिंह के लिए प्रचार करने पहुंचे थे दिनेश शर्मा
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा जेवर में भाजपा उम्मीदवार धीरेंद्र सिंह के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा चुनाव से पहले पूरे राज्य की यात्रा कर रहे हैं और उनसे ब्राह्मणवाद पर उनके विचार और जातिवाद पर पार्टी का रुख अक्सर पूछा जाता है। किसी ने ब्राह्मण पर मेरा विचार जानना चाहा, मैंने कहा कि भाजपा 'सबका साथ सबका विकास' चाहती है। हर जाति का अपना महत्व है और यही कारण है कि हमारे पास सभी जातियों का समर्थन है, लेकिन जब मैं ब्राह्मणवाद से जोड़ा जाता हूं तो मैं कहता हूं कि हां, मैं एक ब्राह्मण हूं और मुझे इस पर गर्व है। मैं इसे किसी अनादर के तौर पर नहीं देखता।
'ब्राह्मण एक जाति नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक बेहतर माध्यम है'
दिनेश शर्मा ने आगे कहा, एक ब्राह्मण का कार्य सर्वे भवन्तु सुखिन: है, जो दूसरों की खुशी में खुशी महसूस करता है, वह एक ब्राह्मण है। वह पेशे से एक शिक्षक भी हैं। उन्होंने कहा कि पहले, सिर्फ शिक्षकों को ही ब्राह्मण कहा जाता था, क्योंकि वे लोगों के कल्याण के लिए काम करते थे और सभी जातियां उन्हें देवता समान मानती थीं। तो यह नई जाति कहां से आई? ब्राह्मण एक जाति नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक बेहतर माध्यम है। चाहे शिक्षण हो या शिक्षा, या चाहे जो कुछ काम हो, उनका किसी जाति से टकराव नहीं है। जन्म से मृत्यु तक, यही वे ब्राह्मण हैं जो सौभाग्य के लिए काम करते हैं।












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