दिल्ली असेंबली में विपक्ष का नेता कौन, भाजपा में जोड़-तोड़
नई दिल्ली। कुछ समय पहले तक पार्टी दिल्ली में अपने मुख्यमंत्री के बनने के सपने देख रही थी। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हारने के बाद दिल्ली भाजपा के भीतर इस सवाल को पूछा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के तीन में से दो विधायक विपक्ष का नेता बनना चाहते हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा को मात्र 3 सीटें मिलीं। 67 आम आदमी पार्टी के खाते में गईं। माना जा रहा है कि विजेन्द्र गुप्ता को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है।

वे मोदी के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने रोहिणी इलाके में मोदी की एक बड़ी रैली लोकसभा चुनाव के समय और एक हाल ही में आयोजित करवाई थी। वे रोहिणी से विधायक चुने गए हैं। वे पहले नगर निगम में भी रहे हैं। टीवी पर भी खूब दिखते हैं। उनकी पत्नी नगर निगम सदस्य है। वे दिल्ली भाजपा के भी प्रधान रहे हैं।
जेटली के सलाहाकार
हालांकि कहने वाले कह रहे हैं कि उक्त पद के लिए विश्वास नगर से जीते ओम प्रकाश शर्मा ने भी उम्मीद नहीं छोड़ी है। वे अरुण जेटली का अपने को राजनीतिक सलाहाकर होने का दावा करते हैं। वे सबको यह बताना नहीं भूलते कि उनकी कश्मीरी गेट के करीब हनुमान मंदिर में प्रसाद की दूकान है। भाजपा की ओर से सबसे बड़ी जीत ओम प्रकाश शर्मा ने ही दर्ज की। उन्होंने विश्वास नगर सीट से आम आदमी पार्टी के ही अतुल गुप्ता को दस हजार से अधिक मतों से हराया।
भाजपा के तीसरे विधायक हैं जगदीश प्रधान। उन्होंने मुस्तफाबाद से आम आदमी पार्टी के हसन अहमद को 6031 वोटों से शिकस्त दी। वहीं रोहिणी विधानसभा सीट से विदेंद्र गुप्ता ने सीएस गुप्ता को 5036 मतों से हराया। दरअसल अरविंद केजरीवाल कह चुके हैं कि वे भाजपा को विपक्ष का पद देने के लिए तैयार हैं। दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू होगा। बता दें कि विपक्ष के नेता को बड़ा बंगला और दूसरी तमाम सुविधाएं मिलती हैं।












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