#LetsSaveDelhi: सीएम अरविंद केजरीवाल दिल्ली को बचाने के लिए उठाएंगे यह 'अनोखा कदम'
अरविंद केजरीवाल ने सभी आपात कदमों के संबंध में मीडिया से जानकारी साझा करते हुए कहा कि अगर जरूरत लगती है तो कृत्रिम बारिश पर भी विचार किया जा रहा है।
नई दिल्ली। प्रदूषण और घने स्मॉग से बेहाल दिल्ली को निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने समस्या के समाधान से जुड़े कई उपायों और संभावनाओं पर चर्चा की।

यूंं तो कई कदम उठाए जाने पर विचार हुआ लेकिन जो सबसे अनोखे किस्म का विकल्प सामने अाया, वह था क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश।
मीटिंंग के बाद अरविंद केजरीवाल ने सभी आपात कदमों के संबंध में मीडिया से जानकारी साझा करते हुए कहा कि अगर जरूरत लगती है तो कृत्रिम बारिश पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस संबंध में बात करने को कहा है।

कृत्रिम बारिश क्या है और कैसे होती है
रॉकेट की तरह दिखने वाली डिवाइस में सिल्वर आयोडाइन नामक केमिकल भरकर आकाश में दागा जाता है। यह बादलों के साथ केमिकल रिएक्शन करता है और इससे बारिश होती है। इससे तकरीबन 20 किलोमीटर के दायरे में बरसात कराई जा सकती है और इस रॉकेट लॉन्चिंग से बारिश के बीच तकरीबन पौन घंटे लग जाते हैं।
महाराष्ट्र मेंं किया गया था यह प्रयोग
जहां कहीं भी ऐसी बारिश करानी होती है, वहां का टेम्प्रेचर, हवा का डायरेक्शन और स्पीड अहम फैक्टर माने जाते हैं। अगर ये साथ न दें तो फिर यह प्रयोग असफल रहने की आशंका रहती है। महाराष्ट में 2003 में ऐसी बारिश कराई गई थी।

केजरीवाल सरकार इन विकल्पों पर भी दे रही जोर -
- निर्माण कार्य पर प्रतिबंध
- सड़कों पर पानी का छिड़काव
- कूड़ा जलाने पर पाबंदी
- जेनरेटर सेट पर रोक












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