मुश्किल में अरविंद केजरीवाल, 21 विधायकों को ठहराया जा सकता है अयोग्य
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आम आदमी पार्टी एक बार फिर मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। जी हां दिल्ली में पार्टी के 21 विधायकों को अयोग्य करार दिया जा सकता है। आपको बता दें कि बीते साल खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया था। केजरीवाल ने अलका लांबा को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया

अब इन विधायकों पर 'लाभ का पद' रखने का आरोप है। इन विधायकों में अल्का लांबा, आदर्श शास्त्री और जरनैल सिंह जैसे बड़े नाम शामिल हैं। बीते साल जून माह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को याचिका दी गई थी कि इन विधायकों को अयोग्य ठहराया जाए। पत्नी के चक्कर में मंत्री जी को खानी पड़ी अरविंद केजरीवाल से डांट
इसके बाद चुनाव अयोग ने इन्हें 11 अप्रैल तक का समय दिया था ताकि वो इस मामले में जवाब दे सकें। अब जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक विधायकों ने याचिका पर जवाब देने के लिए 6 से 8 माह का वक्त मांगा है। विधायकों ने समय मांगने के पीछे की वजह यह बतायी है कि संसदीय सचिवों को मिलने वाली सुविधाओं और भत्तों के बारे में सरकार से जानकारी लेने के लिए और समय की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार के अलग-अलग विभागों से जानकारी एकत्र करनी पड़ेगी।
आपको बता दें कि जब केजरीवाल ने जब अपने 21 विधायकों को संसदीय सचीव नियुक्त किया था तो उस वक्त भाजपा ने इसका पुरजोर विरोध किया था। भाजपा का अरोप था कि इन 21 विधायकों को मंत्रियों की तरह सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे दिल्ली की जनता पर बोझ पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि 993 में दिल्ली विधानसभा के दोबारा गठन के बाद से किसी भी सरकार में तीन से ज्यादा संसदीय सचिव नहीं रहे हैं।












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