उपद्रव के बाद मुजफ्फरनगर में मुस्लिमों के घर में तोड़फोड़, उन्होंने कहा- पुलिसवालों ने किया

मुजफ्फरनगर। 20 दिसंबर शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। हिंसा और आगजनी में एक तरफ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर बरसाए तो दूसरी तरफ पुलिस ने भी लाठीचार्ज किया। उपद्रव में फायरिंग भी हुई। इन घटनाओं में 18 लोगों की मौत हो गई। मुजफ्फनगर के मुख्य बाजार मीनाक्षी चौक के पास भी शुक्रवार को बवाल हुआ जिसके बाद पुलिस ने कई दुकानों को सील कर दिया। पुलिस पर आरोप है कि उसने मुस्लिम कारोबारियों को घर में घुसकर तोड़फोड़ मचाई और उनका लाखों का नुकसान किया।

'शुक्रवार रात घर में घुसी पुलिस'

'शुक्रवार रात घर में घुसी पुलिस'

72 साल के हाजी हामिद हसन के घर में टूटी कार, टूटी टाइल्स, बिखरे सामान, टूटी घड़ी समेत कई चीजें शुक्रवार की रात हुई तोड़फोड़ की गवाही दे रहे हैं। घर की घड़ी 10 बजकर 57 मिनट पर रुकी हुई है। नेटवर्क18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 72 साल के हाजी हामिद हसन ने कहा कि ठीक उसी समय घर में पुलिसवाले घुसे और उन्होंने सबसे पहले घड़ी तोड़ दी। मुजफ्फरनगर का सरवट मुस्लिम बहुल इलाका है जिसमें हाजी हामिद हसन का घर है। हाजी का कहना है कि दो पोतियों की शादी फरवरी में है और वो बरसों से इसके लिए पैसे जमा कर रहे थे। घर को शादी के लिए फिर से बनाया और सजाया गया था लेकिन अब ऐसा देखने से ऐसा लग रहा है जैसे यहां कोई तूफान आया और सबकुछ तहस-नहस कर गुजर गया। फ्रीज, वाशिंग मशीन, कपसेट समेत कई सामान जो पैकिंग में थे, सबको तोड़ दिया गया। कार, स्कूटर सब टूटी हुई हालत में घर में खड़े हैं।

घर के सदस्य हुए घायल

घर के सदस्य हुए घायल

घर में हुई तोड़फोड़ में छह सदस्य घायल हो गए जिसमें 14 साल का अहमद भी शामिल है। हाजी अहमद ने कहा कि वे तो विरोध प्रदर्शन में गए भी नहीं थे। 'मैं मानता हूं कि बसों को जलाना गलत है लेकिन इसके लिए मुझे क्यों सजा दे रहे हो, मैंने क्या किया है, मैं तो विरोध प्रदर्शन में गया भी नहीं।' इलाके के मुस्लिमों का आरोप है कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई में अच्छी हैसियत रखनेवाले मुस्लिम परिवारों को टारगेट किया है। हाजी का दावा है कि पुलिस ने उनका 20 लाख का नुकसान किया है।

जूते-चप्पल के होलसेल व्यापारी के घर में तोड़फोड़

जूते-चप्पल के होलसेल व्यापारी के घर में तोड़फोड़

74 साल के हाजी अनवर इलाही खालापार क्षेत्र में जूता-चप्पल के होलसेल व्यापारी हैं जिनकी चार मंजिल की बिल्डिंग में इतनी तोड़फोड़ हुई कि किचन और बाथरूम तक की टाइल्स उखाड़ दी गई। परिवार का कहना है कि पुलिस लाखों के गहने साथ ले गई। गहने के खुले डिब्बे के बगल में रखी पुलिस की लाठी मिली। उस रात पुलिस पोलियोग्रस्त बुजुर्ग इलाही को भी उठा ले गई थी। इलाही ने दर्द बयां करते हुए कहा- मुझे दो दिन तक लॉकअप में रखा। मेरे परिवार के लोगों को मुझसे मिलने नहीं दिया गया। मुझे सर्दी से बचने के लिए कंबल तक नहीं दिया गया। प्रशासन का दावा है कि सिर्फ उन्हीं लोगों को उठाया गया जो वीडियो में दिखे।

'पुलिस के साथ कुछ सादे कपड़ों में भी थे'

'पुलिस के साथ कुछ सादे कपड़ों में भी थे'

इलाही की 24 साल की पोती हुमैरा परवीन ने कहा कि पुलिस गहने ले जाने की जल्दबाजी में पीछे अपनी लाठी छोड़ गई। रोते हुए हुमैरा बोली- पुलिस के साथ कुछ लोग सादे कपड़ों में थे जो पुलिस जैसे नहीं लग रहे थे। जब एक पुलिसवाला घर की टाइल्स तोड़ रहा था तो दूसरे ने कहा कि उसे मत तोड़ो, आखिर यहां हमको ही रहना है। हुमैरा ने कहा कि वे चाहते थे कि हम यह घर छोड़ दें लेकिन यह हमारा घर है, हम यहां से क्यों जाएं।

'शिव चौक को कुछ नहीं किया, मीनाक्षी चौक को सील कर दिया'

'शिव चौक को कुछ नहीं किया, मीनाक्षी चौक को सील कर दिया'

20 दिसंबर को हुए मीनाक्षी चौक पर बवाल पर पुलिस प्रशासन ने जल्दी ही काबू पा लिया जिसके बाद वहां की 67 दुकानों को सील कर दिया गया। लोहा कारोबारी अब्दुल सत्तार का कहना है कि पुलिस मुस्लिम समुदाय के कारोबारियों को टारगेट कर रही है। मीनाक्षी चौक के पास ही शिव चौक है जहां के किसी दुकान को सील नहीं किया। मुस्लिम कारोबारियों को डर है कि क्षतिपूर्ति के लिए कहीं उनकी सील दुकानों को नीलाम न कर दिया जाय। हलांकि प्रशासन ने कहा है कि दुकानों की नीलामी नहीं होगी, हिंसा के सबूत जुटाने के लिए सील करने की कार्रवाई की गई है।

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