मुंबई: छठ पूजा के लिए BMC का यू-टर्न, गाइडलाइन में किया बदलाव
मुंबई, 08 नवंबर: 4 दिनों तक चलने वाला आस्था का महापर्व छठ पूजा सोमवार से शुरू हो गया है। ऐसे में बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने शर्तों के साथ छठ पूजा का पर्व मनाने की अनुमित दी है। कोरोना वायरस के मद्देनजर बीएमसी और उपनगर प्रशासन ने समुद्र किनारे पूजा की अनुमति नहीं दी है, साथ ही एक गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें अब सोमवार को संशोधन किया है।

दरअसल, कुछ शर्तों के साथ सरकार ने छठ पूजा मनाने की मंजूरी दी थी, जिसमें संशोधन करते हुए बीएमसी ने अब कहा है कि बीएमसी आर्टिफिशल तालाबों को बनाने और पूजा समाप्त होने के बाद उन्हें भरने की जिम्मेदारी लेगा। बता दें कि इससे पहले बीएमसी ने सभी आयोजकों को इन तालाबों के निर्माण की देखरेख करने और बाद में उन्हें भरने का निर्देश दिया था, जिसको अब वापस ले लिया है।
सोमवार को अपने पुराने आदेशों का हवाला देते हुए बीएमसी ने कहा कि छठ पूजा के लिए अपने संशोधित दिशानिर्देशों में बीएमसी ने सूचित किया है कि वह कृत्रिम तालाब बनाने और पूजा खत्म होने के बाद उन्हें भरने की जिम्मेदारी लेगा।
आपको बता दें कि मान्यताओं के अनुसार इस दिन छठ व्रती महिलाएं किसी नदी या तालाब में जाकर डुबकी लगाती हैं और सूर्य भगवान और छठ मैया की उपासना करते हुए व्रत के पूरा होने की प्रार्थना करती हैं। हालांकि बिहार में छठ पूजा का महत्व अधिक है, लेकिन छठ पूजा के दिन मुंबई में भी लोग इस अच्छे से मनाते हैं।
मालूम हो कि चार दिन तक चलने वाले इस पर्व में 9 नवंबर को खरना, 10 नवंबर को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य और 11 नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।












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