ड्रोन से हुई मुंबई में पिज्जा की डिलीवरी, देश की सुरक्षा पर खतरा !

मुंबई के फ्रैंनसेस्कोज पिज्जारिया ने 11 मई को एक लोअर परेल के अपने पिज्जा आउटलेट से एक टेस्ट फ्लाइट कंडक्ट की थी।
लोअर परेल से वर्ली तक इस पिज्जा की डिलीवरी की गई और इस रास्ते को सिर्फ 10 मिनट में तय कर लिया गया। इस अजब-गजब प्रयोग पर इस पिज्जा आउटलेट के चीफ एग्जिक्यूटिव मिखेल राजानी का कहना है, 'हम सभी लोगों ने एमाजॉन की उस योजना के बारे में सुना हुआ था जिसमें उसने ड्रोन के प्रयोग के जरिए सामान की डिलीवरी की बात कही थी। इसी तर्ज पर ही हमने इस सफल प्रयोग को अंजाम दे डाला।'
राजानी ने बताया कि यह सिर्फ एक टेस्ट फ्लाइट है और अभी इसे अमल में लाने में काफी समय लग सकता है। चार रोटॉर वाले इस ड्रोन की पिज्जा डिलीवरी देश का पहला ऐसा प्रयोग है और सफल रहा है।
वहीं इस प्रयोग ने मुंबई पुलिस को परेशान कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक पिज्जा आउटलेट के इस प्रयोग ने उन्हें चिंता में डाल दिया है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि उन्हें इस तरह के फ्लाइंग ऑब्जेक्ट पर विरोध है। यह काफी खतरनाक है।
पूरी पुलिस व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और बाकी जरूरी प्रक्रियाओं के बिना इस तरह के ऑब्जेक्ट्स को ऑपरेट करने की मंजूरी नहीं दी जा सकती। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक इस तरह का प्रयोग करने से पहले इस पिज्जा आउटलेट को डीजीसीए की मंजूरी लेनी चाहिए थी।
वहीं वर्ली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक के मुताबिक उन्हें इस तरह के ड्रोन की कोई जानकारी नहीं मिली और न ही उनसे कोई मंजूरी ली गई। वहीं डीजीसीए के महानिदेशक भी कहते हैं कि इस तरह का प्रयोग करने से पहले उन्हें उनसे मंजूरी लेनी चाहिए थी।
इस बीच इस पूरे प्रोजेक्ट को अंजाम देने वाले शख्स के मुताबिक इस प्रयोग में डीजीसीए की मंजूरी की कोई जरूरत नहीं होती क्योंकि यह सिर्फ एक एयरक्राफ्ट है जिसे पिज्जा डिलीवरी के लिए थोड़ा मोडीफाइड किया गया था।












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