बुलंदशहर की महिला ने सीएम योगी के ऑफिस में की जॉब को लेकर शिकायत, 24 घंटे में मिला ज्वॉइनिंग लेटर
महिला ने CM योगी के ऑफिस में की जॉब को लेकर शिकायत, 24 घंटे में मिला ज्वॉइनिंग लेटर
मेरठ, 30 मार्च: प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दूसरे कार्यकाल का पदभार ग्रहण करने के बाद एक्शन में नजर आए। दरअसल, बुलंदशहर जिले की रहने वाली संगीता सोलंकी नाम की महिला ने अपनी समस्या के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में फोन किया था। जिसका तत्काल संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त को शिकायत के निस्तारण के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त के हस्तक्षेप के बाद स्कूल प्रबंधन ने संगीता सोलंकी को कार्यभार ग्रहण कराया।

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सीएम योगी से फोन पर लगाई थी गुहार
बुलंदशहर निवासी संगीता सोलंकी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फोन पर मदद की गुहार लगाई थी। संगीता ने बताया कि उसने रविवार 27 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय फोन किया और बताया कि मैं बुलंदशहर से संगीता सोलंकी बोल रही हूं। माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि कृपया मेरी समस्या का समाधान करें। सीएम सर से निवेदन है कि मुझे कार्यभार ग्रहण कराने का कष्ट करें।
तत्काल मामले का लिया गया संज्ञान
संगीता की समस्या का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल प्रभाव से मेरठ मंडल के मंडलायुक्त से बात की और शिकायत के निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिसके बाद मंडलायुक्त के हस्तक्षेप के बाद संगीता सोलंकी की शिकायत का समाधान किया गया। साथ ही संगीता सोलंकी को कार्यभार ग्रहण कराया गया।
ज्वॉनिंग के लिए मांगी जा रही थी रिश्वत
दरअसल, संगीता सोलंकी ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रवक्ता पद 'हिंदी' 2021 की लिखित एवं साक्षात्कार परीक्षा उत्तीर्ण की। जिसमें उनको आयोग द्वारा मेरठ के भागीरथी आर्य कन्या इंटर कॉलेज आवंटित किया गया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी उनको प्रबंधक द्वारा कार्यभार ग्रहण (ज्वॉनिंग) नहीं करने दिया जा रहा था। संगीत ने बताया कि ज्वॉनिंग के बदले उनसे लिपिक व प्रबंधक की ओर से पैसा मांगा जा रहा थे।
अब दर्ज हुआ मुकदमा
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि संगीता ने शिकायती पत्र कमिश्नर को दिया था, जो बाद में उन तक पहुंचा। शिकायत के आधार पर लालकुर्ती थाने में आइपीसी की धारा 384 के के तहत इंटर कालेज प्रबंधक, प्रधानाचार्य व लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अभी इसमें भ्रष्टाचार संबंधी धाराएं भी बढ़ेंगी। धारा 384 के तहत तीन वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रविधान है।












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