Mandla News: कान्हा नेशनल पार्क के गाइड्स की मांग, सरकारी महकमे की तरह हमारा भी बढ़ाओं मेहनताना
सरकारी महकमें में उठने वाली महंगाई भत्ते की मांग अब नेशनल पार्क में पर्यटकों को घुमाने वाले गाइड भी उठा रहे है। सालाना दस फीसदी मेहनताना बढ़ाने की मांग की जा रही है। कान्हा नेशनल पार्क में लगभग 153 गाइड्स हैं। इनका कहना है कि चार साल पहले कमलनाथ सरकार ने उनका मेहनताना रिवाइज किया था, उसके बाद स्थिति जस के तस है।

किसी भी नेशनल पार्क या टूरिस्ट प्लेस में गाइड की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि गाइड न हो तो घूमने वाली उस जगह के बारे में बहुत सी उन खूबियों अछूते रह जाते है, जो जानना बहुत जरुरी रहता है। एमपी के कान्हा नेशनल पार्क में भी 153 गाइड पर्यटकों को घुमाते है। जिप्सी में बैठते ही उनकी कॉमेंट्री शुरू हो जाती है, कि वहां किस प्वाइंट पर कौन से जानवर रहते है और उनकी खासियत क्या है? टूरिस्ट को घुमाने के लिए सरकार की तरफ से अधिकृत इन गाइड को मेहनताना दिया जाता है। दो कैटेगिरी में दिए जाने वाले मेहनताने को लेकर गाइड संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार अपने विभिन्न विभागों के अधिकारियों कर्मचारियों को महंगाई और दूसरे तरह के भत्ते बढ़ाती रहती है, लेकिन उनका ख्याल नहीं रखा जा रहा।

वर्तमान में कैटेगिरी जी-1 के गाइड को 600 और कैटेगिरी जी-2 गाइड को 480/- रुपए प्रति राइड मेहनताना मिलता है। लेकिन पिछले चार सालों से मिल रहे इस मेहनताना से गाइड नाखुश है। उनका कहना है कि सरकार को हर साल बढ़ती महंगाई के हिसाब से मानदेय में बढ़ोत्तरी करना चाहिए। लंबे समय से इस पार्क में तैनात फागन सिंह मरावी नाम के गाइड बताते है कि जरुरी नहीं रहता कि हर रोज उनको राइड मिल। बारिश के मौसम में वैसे भी चार महीने पार्क बंद रहता है। ऐसी स्थितियों में उनको जो मेहनताना मिलता है, उससे साल भर का खर्च चलाना अब मुश्किल हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications