'बंदूक की नोक पर दर्ज किया गया था मेरा बयान', मालेगांव ब्लास्ट केस में 34वां गवाह भी मुकरा
विशेष एएनआई कोर्ट में मामली की आज सुनवाई हुई। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा बयान गोली की नोक पर दर्ज किया गया था।

Malegaon Blast Case: विशेष एनआईए की अदालत में बुधवार को मालेगांव ब्लास्ट केस की सुनवाई हुई। इस दौरान एक और गवाह मुकर गया। सुनवाई के दौरान यह 34वां गवाह है, जो मुकर गया। पूर्व सैन्यकर्मी गवाह ने अदालत में कहा कि उसका बयान बंदूक की नोक पर दर्ज किया गया था।
इस मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी। बता दें कि मालेगांव 2008 ब्लास्ट केस में 34वां गवाह मुकर गया। गवाह ने कहा था कि बंदूक की नोक पर उनका बयान दर्ज किया गया था।
बता दें कि गवाह को मुकरने से इस मामले में जांच टीम को बड़ा झटका लगा है। इससे पहले भी कई गवाह पलट गया है। 2008 में हुए ब्लास्ट की जांच में अब तक कुल 226 लोगों के बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें से अब तक 34 गवाह मुकर चुके हैं।
दरअसल साल 2008 में 29 सितंबर की रात में मालेगांव में शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के सामने धमाका हुआ था। जिसमें 6 लोगों की मौत हुई, जबकि 101 लोग घायल हो गए थे। इस मामले में आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (सांसद), लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, सुधाकर द्विवेदी, मेजर रमेश उपाध्याय (सेवानिवृत्त), अजय रहीकर, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी जमानत पर जेल से बाहर हैं।
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बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर आरोपी को फंसाने के लिए षडयंत्र रचा था। इसी वजह से अब गवाह मुकर रहे हैं। कुछ दिन पहले कोर्ट में 33वां गवाह भी मुकर चुका था।
बता दें कि 29 सितंबर, 2008 को मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल से बंधा एक विस्फोटक फट जाने से छह लोगों की मौत हो गई थी और 100 से अधिक घायल हो गए थे।
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