नागपुर के अस्पतालों में वेंटीलेटर्स खत्म, हर रोज शहर में आ रहे 5000 नए मामले
नागपुर। महाराष्ट्र में कोविड के बढ़ते संक्रमण के बीच, नागपुर में निजी अस्पतालों को वेंटिलेटर बेड की भारी कमी देखने को मिल रही है। बुधवार सुबह शहर में गंभीर मरीजो के लिए 27 आईसीयू बेड उपलब्ध थे, शाम होते होते जीएमसीएच में सिर्फ तीन वेंटिलेटर बेड खाली बचे। दो-तीन घंटे बाद वे बेड भी भर गए। निजी अस्पतालों में वेंटीलेटर वाले बेड पूरी तरह से खत्म हो गए हैं।ये बेड नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में थे और नागपुर नगर निगम (NMC) के आंकड़ों में इन्हें अभी भी खाली दिखाया जा रहा है।

डॉक्टरों ने कहा कि हर वार्ड में पांच से दस कोविड मरीज अब गैर-इनवेसिव वेंटिलेटर पर हैं, लेकिन वे आईसीयू और वेंटीलेटर बेड की कमी के कारण असहाय हैं। जीएमसीएच और इंदिरा गांधी सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कम से कम 12 वार्ड ऑक्सीजन युक्त, उच्च निर्भरता इकाइयाँ और ICU बेड हैं। इसके बाद भी मरीजों के बड़ी संख्या के आने के कारण बेड की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
नागपुर की एक फोटो सामने आई है, जिसमें एक ही बेड पर दो-दो मरीज दिखाई दे रहे हैं। मामलों में उछाल जारी रहने के कारण शहर को जल्द कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर में कुल 441 वेंटीलेटर्स हैं जिनमें से 170 वेंटीलेटर्स 10 सरकारी अस्पतालों और 271 वेंटीलेटर्स 97 निजी अस्पतालों में हैं।
बुधवार शाम तक निजी अस्पतालों के ये सभी वेंटीलेटर्स भर गए थे और एक भी वेंटीलेटर खाली नहीं था। कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब शहर के किसी भी निजी अस्पताल में कोई भी वेंटीलेटर खाली नहीं है। आईसीयू बेड की बात करें तो शहर में मात्र 31 ICU बेड खाली बचे हैं। इनमें से 24 बेड निजी अस्पतालों और सात बेड सरकारी अस्पतालों में हैं। सामान्य बेडों की बात करें तो एनएससी के अनुसार ऐसे भी मात्र 199 बेड खाली हैं। वहीं ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मात्र 165 बेड खाली हैं। इनमें से 84 निजी अस्पतालों और 81 सरकारी अस्पतालों में हैं।












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