Sanjay Raut आखिर क्यों आगबबूला हुए? फिर गाली-गालौच पर उतरे, बोले- वो कभी वफादार नहीं होते
Shiv Sena Defection Crisis: शिवसेना के स्थापना दिवस के बाद महाराष्ट्र में दोनों गुटों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम में एकनाथ शिंदे की उद्धव ठाकरे की सेना को सीधे चेतावनी देने के बाद राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक तीखा और रहस्यमयी पोस्ट शेयर की है, जिसने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
संजय राउत ने पोस्ट में क्या लिखा?
संजय राउत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक फोटो साझा की, जिसमें में लिखा था, "कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते।" इसके साथ उन्होंने कैप्शन में "जय महाराष्ट्र!" लिखा। इसके बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर किस पर संजय राउत आगबबूला हो गए हैं और फिर से गाली-गलौच पर उतर आए हैं।

दरअसल, शिवसेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा था "कुत्ते झुंड में आते हैं, टाइगर अकेला आता है"। इसके साथ ही उन्होंने महायुति में दरार के दावों पर वार करते हुए कहा था- "कुत्ते भौंकते हैं और टाइगर शिकार करता रहता है। ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है।" शिंदे के इस बयान के बाद संजय राउत ने पोस्ट शेयर की है।
'ऑपरेशन टाइगर' के तहत क्या होने वाली दूसरी टूट?
महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) इस समय बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। वर्ष 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद पार्टी सबसे बड़ी टूट का सामना कर रही है। नौ सांसदों में से छह सांसद पाला बदल कर शिंदे शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। वहीं शिंदे गुट के नेताओं द्वारा अभी विधानसभा और बीएमसी स्तर पर बड़ी टूटा होने के दावे किए जा रहे हैं।
दिल्ली में आज जुट रहे बागी सांसद
वहीं अब खबर है कि बगावत कर शिंदे गुट में शामिल हुए सांसद शनिवार को दिल्ली में जुट रहे हैं। सूत्रों के अनुसार ये सांसद आगे की रणनीति बनाने के लिए जुट रहे हैं। राजनीतिक हल्कों में इस संभावित टूट को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है।
संसदीय दल की बैठक में पहुंचे थे मात्र 3 सांसद
गौरतलब है कि गुरुवार को संकट तब और गहरा गया, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसद दिल्ली स्थित संसद परिसर में बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही मौजूद रहे।
बैठक से अनुपस्थित रहने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल पर संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत जमकर बरसे थे और कहा था कि खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
संजय राउत बागी सांसदों को दी भद्दी गाली
याद रहे टूट के बाद संजय राउत ने प्रेस कान्फ्रेंस की थी जिसमें उन्होंन अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। वहीं गुरुवार को बैठक के बाद संजय रउत ने अनुपस्थित सांसदों को निशाना बनाते हुए उन्हें "देशद्रोही, बेईमान और धोखेबाज" कहा था। इतना ही नहीं राउत बहुत ही गा...से शुरू होने वाली गंदी गाली भी बोली थी। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से कहा था किया इस शब्द को ना काटें। इन सांसदों ने विद्रोह के जरिए विश्वासघात किया है।
बागी सांसदों की सदस्यता क्या होगी भंग?
सांसदों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया पर जोर देते हुए संजय राउत ने कहा, "हमने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने के लिए हर संभव कानूनी प्रयास करेंगे। यदि लोकसभा अध्यक्ष नियमों, संविधान और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं, तो इन सभी बागी सांसदों की सदस्यता जानी तय है।"
बालासाहेब ठाकरे की विरासत और अस्तित्व की लड़ाई
इस अभूतपूर्व संकट के बावजूद, संजय राउत ने दावा किया कि पार्टी बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों और उनकी समृद्ध विरासत के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने याद दिलाया कि शिवसेना ने अपने अस्तित्व के गौरवशाली 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस समय बालासाहेब ठाकरे की जन्म शताब्दी का वर्ष चल रहा है, जो कार्यकर्ताओं को संघर्ष की प्रेरणा देता है। Shiv Sena UBT MP Rebellion: संजय देशमुख कौन? क्या है उद्वव ठाकरे की शिवसेना की बगावत से इनका कनेक्शन?













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