शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट क्या है? महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने बताया क्यों है ये जरूरी
Shaktipeeth Expressway Project: महाराष्ट्र सरकार का शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे परियोजना को फिर से शुरू करने का संकेत मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया है। इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है हिक ये प्रोजेक्ट लोगों पर थोपा कतई नहीं जाएगा और लोगों केा विश्वास में लिए बिना इसे लागू भी नहीं किया जाएगा।
इतना ही नहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ये भी बताया कि इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के पीछे सरकार की मंशा क्या है और शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के तैयार हो जाने के बाद आम जनता को कितना लाभ होगा।

बता दें शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण का लोगों द्वारा रोका गया जिसके दो दिन बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि उनकी सरकार परियोजना को फिर से शुरू कर सकती है लेकिन लोगों पर ये योजना थोपी नहीं जाएगी।
सीएम शिंदे ने गिनाए फायदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे की लंबाई 802 किलोमीटर होगी, जो वर्धा जिले के पवनार को सिंधुदुर्ग के पतरादेवी से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे गोवा पहुंचने से पहले 12 जिलों से होकर गुजरेगा।शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे से मध्य महाराष्ट्र और तटीय क्षेत्रों के बीच संपर्क बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही सीएम शिंदे ने ये भी आश्वसन भी दिया कि उनकी सरकार उन जगहों पर शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे को फिर से बनाने पर विचार करेगी, जहां लोग इसके खिलाफ हैं। हम लोगों को विश्वास में लिए बिना कोई भी परियोजना लागू नहीं करेंगे।
सीएम शिंदे ने किया ये वादा
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी परियोजना जनता की सहमति के बिना आगे नहीं बढ़ेगी। इस रुख का उद्देश्य सरकार और उसके नागरिकों के बीच विश्वास को बढ़ावा देना है। पुनर्गठन पर विचार करके, सरकार को उम्मीद है कि इससे विरोध कम होगा और सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।












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