श्रीकांत शिंदे को IT नोटिस वाले बयान पर संजय शिरशाट ने लिया यू टर्न, एकनाथ शिंदे सत्र छोड़ पहुंचे दिल्ली
Maharashtra News: महाराष्ट्र विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, इस बीच राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट को आयकर विभाग की नोटिस मिलने की खबर ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। संजय शिरसाट ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें आयकर विभाग से नोटिस मिली है।
इस दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि उनके अलावा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे को भी आयकर का नोटिस मिला है। इस मुद्दें पर घिरने के चंद घंटों बाद ही शिंदे गुट के मंत्री शिरसाट ने यू टर्न ले लिया है।

संजय शिरसाट ने दी ये सफाई
संजय सिरसाट ने सफाई दी और कहा कि उन्होंने अनजाने में यह बात कह दी और श्रीकांत शिंदे को नोटिस मिलने की कोई जानकारी उनके पास नहीं है। शिरसाट ने कहा, "मैंने कहा था कि मुझे आयकर विभाग से नोटिस मिला हैं। पत्रकारों ने मुझसे पूछा था कि क्या श्रीकांत शिंदे को भी आयकर नोटिस मिला है तो मैंने कहा अगर उन्हें मिला तो मुझे इसकी जानकारी नही हैं। मुझे नहीं पता कि उन्हें नोटिस मिला है या नहीं। लेकिन मीडिया ने इसे दिखाया जैसे मैने ही इसकी पुष्टि कर दी हो।"
सत्र छोड़कर दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान यह भी देखा गया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अचानक दिल्ली रवाना हो गए, जिसकी जानकारी न तो विधिमंडल में दी गई और न ही मीडिया को थी। इससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला।
संजय शिरसाट क्यों आईटी के रडार पर आए?
इससे पहले संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) स्थित विट्स होटल की नीलामी में कथित आर्थिक अनियमितताओं का मामला सामने आया था, जिसमें विपक्ष ने संजय शिरसाट के पुत्र की संलिप्तता के आरोप लगाए थे। पूर्व सांसद और एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील द्वारा इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के बाद आयकर विभाग की नजर शिरसाट और उनके परिवार पर पड़ी।
सीएम ने उच्चस्तरीय जांच के दिए हैं आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की है। अब इस मामले में संजय शिरसाट की संपत्ति, आर्थिक लेनदेन और कर से संबंधित जानकारी की गहन जांच हो सकती है।












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