'नहीं तो यूपी, बिहार की एस्प्रेस ट्रेनों को रोक देंगे', राज ठाकरे MNS ने आखिर क्यों दी ये धमकी?
Raj Thackeray's MNS ultimatum:मुंबई और कोंकण के यात्रियों की सुविधा से जुड़ा रत्नागिरी-दादर पैसेंजर ट्रेन का मुद्दा अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस ट्रेन को दोबारा दादर तक शुरू करने की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर 15-20 दिनों में मांग पूरी नहीं हुई, तो उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोका जाएगा।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे की पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि यह मुद्दा अब आंदोलन का रूप ले सकता है। पार्टी का कहना है कि सरकार और रेलवे को जल्द फैसला लेना होगा, वरना विरोध प्रदर्शन तेज किया जाएगा।

रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को लेकर क्यों मचा है बवाल?
ये चेतावनी एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने कहा मुंबई से कोंकण आने-जाने वाले यात्रियों के लिए रत्नागिरी-दादर पैसेंजर ट्रेन महत्वपूर्ण है। यह पहले दादर से रत्नागिरी तक चलती थी, लेकिन कोरोना काल के बाद इसे दिवा तक सीमित कर दिया गया जो बडा अन्याय है।
उन्होंने कहा इससे यात्रियों को भारी असुविधा होती है, क्योंकि अब उन्हें दिवा स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। मनसे चाहती है कि ट्रेन को पुनः दादर तक चलाया जाए।
रेलवे मांग को कर रहा नजरअंदाज
मनसे नेता नितिन सरदेसाई ने रेलवे विभाग पर लगातार इस मुद्दे को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि ट्रेन का दिवा तक सीमित रहना मनसे को अस्वीकार्य है। उन्होंने जोड़ा, कोंकण रेलवे के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी, पर अब उनकी जरूरतों की अनदेखी हो रही है।
रेलवे क्यों नहीं पूरा कर रहा मांग?
रेलवे तर्क देता है कि दादर तक ट्रेन चलाने से लोकल ट्रेनों की समय-सारिणी प्रभावित होगी, पर मनसे इसे महज बहाना मानती है। सरदेसाई ने स्पष्ट किया कि समाधान न होने पर 'मनसे स्टाइल' में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से सवाल उठाए।
सरदेसाई ने पूछा कि कोंकण और मुंबई-गोवा हाईवे की समस्याओं पर वर्षों से चर्चा के बावजूद समाधान क्यों नहीं हुआ। वे जानना चाहते हैं कि ये मुद्दे संसद में क्यों नहीं उठते और कोंकण के लोग आखिर कब तक ऐसी परेशानियों से जूझते रहेंगे।












Click it and Unblock the Notifications