'मैं केवल मटन हांडी का निमंत्रण स्वीकार करता हूं' कृष्ण जन्माष्टमी पर राज ठाकरे ने क्यों दिया ये अजीब बयान
Krishna Janmashtami dahi handi: महाराष्ट्र और राजधानी मुंबई में हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दही हांडी का बृहद आयोजन किया जाता है। मुंबई के लोगों को इस पर्व का हर साल बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार मुंबई में हो रहे दही हांडी आयोजनों में जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।
लेकिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने दही हांडी के न्योते पर अजीब टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ 'मटन हांडी' का निमंत्रण स्वीकार करते हैं। यह बयान उन्होंने दही हांडी के निमंत्रण के जवाब में दिया।

'मैं केवल मटन हांडी का निमंत्रण स्वीकार करता हूं'
राज ठाकरे के मुताबिक, उन्हें 16 अगस्त को होने वाले दही हांडी उत्सव के बजाय मटन हांडी का निमंत्रण देना चाहिए। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब मनसे पदाधिकारी मुनाफ ठाकुर ने एलफिंस्टन रोड स्थित प्रभादेवी दही हांडी उत्सव के आयोजकों की ओर से राज ठाकरे को निमंत्रण दिया।
राज ठाकरे ने क्यों दिया ये अजीत बयान?
इसके बाद ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता 'मटन हांडी' है। उनके इस बयान के पीछे एक सांकेतिक विरोध माना जा रहा है, जो स्वतंत्रता दिवस पर मीट की दुकानों को बंद रखने के हालिया फैसले से जुड़ा है। 15 अगस्त पर मीट और बूचलखानों को बंद किए जाने के नगर निगम के आदेश का विरोध हुआ था।
मीट की दुकानों को बंद करने का हुआ था विरोध
स्वतंत्रता दिवस पर कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका द्वारा बूचड़खानों और मीट की दुकानों को बंद रखने के फैसले का व्यापक विरोध हुआ। हिंदू खाटीक समाज, कांग्रेस पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) गुट के कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया।
मुर्गे हाथ में लेकर नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुर्गे हाथ में लेकर नगर निगम मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम उनके अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा रहा है। राज ठाकरे का 'मटन हांडी' वाला बयान इस विरोध प्रदर्शन का ही एक हिस्सा माना जा रहा है, जिससे वे इस फैसले के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव
महाराष्ट्र में दही हांडी का उत्सव बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इसमें फिल्मी हस्तियां भी शामिल होती हैं, जिससे इस पर्व की भव्यता और लोकप्रियता बढ़ जाती है। राजनीतिक नेता भी अक्सर इन आयोजनों में शिरकत करते हैं।
दही हांडी का पौराणिक महत्व
दही हांडी का पौराणिक महत्व भगवान कृष्ण से जुड़ा है। बाल कृष्ण को माखन बहुत पसंद था और वे अपने मित्रों के साथ घरों में चुपके से माखन खा जाते थे, जिससे उन्हें 'माखन चोर' भी कहा जाता है। यह उत्सव कृष्ण की इसी लीला को समर्पित है।












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