Pune Building Collapses: भारी बारिश में पिंपरी-चिंचवड़ की 3 मंजिला बिल्डिंग ढही, 15 लोग फंसे, रेस्क्यू जारी
Pune Pimpri-Chinchwad Building Collapses: महाराष्ट्र में इन दिनों मानसून का प्रचंड रूप देखने को मिल रहा है। भारी बारिश, तूफानी हवाओं और भूस्खलन ने कई इलाकों में तबाही मचा रखी है। इसी बीच पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ (PCMC) क्षेत्र में एक खौफनाक हादसा हो गया।
मोशी स्थित अपशिष्ट-से-ऊर्जा (Waste-to-Energy) संयंत्र की तीन मंजिला प्रशासनिक इमारत बुधवार (8 जुलाई)दोपहर ढह गई। अधिकारियों के अनुसार, मलबे के नीचे 15 से 16 श्रमिक फंसे हो सकते हैं। विस्तार से जानें कि IMD ने क्या चेतावनी दी? कैसे हुआ हादसा...

Pune Pimpri-Chinchwad Building Collapses Reason: 3 मंजिला इमारत कैसे ढह गई? NDRF मौके पर
दोपहर करीब 1:45 बजे हुई इस घटना के बाद PCMC अग्निशमन विभाग ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भी मौके पर पहुंच गई। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलबे में कुछ लोग फंसे होने की आशंका है, लेकिन सटीक संख्या और हताहतों की पुष्टि अभी प्रारंभिक चरण में है। इमारत में नगर निगम की अपशिष्ट-से-ऊर्जा परियोजना के प्रशासनिक कार्यालय थे और घटना के समय कई कर्मचारी अंदर मौजूद थे।
बचाव दल निरंतर काम कर रहे हैं। मलबा हटाने, जीवित लोगों को निकालने और किसी भी हताहत की तलाश में पूरी ताकत झोंकी जा रही है।
Maharashtra Heavy Rain IMD Alert: महाराष्ट्र में बारिश का कहर! मौतों का आंकड़ा बढ़ा
पुणे हादसा अकेला नहीं है। पूरे महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। IMD (भारतीय मौसम विभाग) ने मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। मुंबई-ठाणे-रायगढ़ क्षेत्र में अत्यधिक भारी बारिश के साथ 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है (पिछले 3-4 दिनों में)। मुंबई में अकेले 10 मौतें दर्ज की गईं। इनमें Mankhurd क्षेत्र में एक चॉल ढहने से 5 बच्चों समेत 6 लोगों की जान गई। अन्य मौतें भूस्खलन, दीवार गिरने और पानी में डूबने जैसी घटनाओं से हुईं।
नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड बंद, पर्यटन स्थल प्रभावित
भारी बारिश के कारण नासिक-त्र्यंबकेश्वर रोड का एक हिस्सा बह गया, जिससे मार्ग बंद कर दिया गया। नासिक जिले में बादल फटने (Cloudburst) जैसे हालात की आशंका है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन स्थगित कर दिए गए हैं। स्कूल-कॉलेज बंद, पर्यटकों को यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
IMD के अनुसार, अगले 48 घंटे कई इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। पालघर के लिए रेड अलर्ट, जबकि मुंबई-ठाणे-रायगढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।
क्यों हो रही है इतनी भारी बारिश?
मानसून की सक्रिय प्रणाली, अरब सागर से नमी भरी हवाएं और स्थानीय भौगोलिक संरचना (पश्चिमी घाट) इस बारिश की मुख्य वजह हैं। मुंबई में जुलाई के पहले सप्ताह में ही औसत से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
सरकार और प्रशासन की तैयारियां क्या हैं?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इसे 'फोर्स मेज्योर' (प्राकृतिक आपदा) बताया और कहा कि अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं। NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर हैं। लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, निचले इलाकों और नदियों-नालों से दूर रहें।













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