नखरेबाज IAS पूजा खेडकर की बढ़ी मुश्किलें, अब लगा स्टील चोर को छोड़ने के लिए दबाव बनाने का आरोप
Pooja Khedkar IAS: महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। प्रोबेशन पीरियड के दौरान पूजा खेडकर के ऊपर मनमानी करने के साथ-साथ अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं। आईएएस पूजा खेडकर पर शारीरिक विकलांगता श्रेणी और ओबीसी कोटे के तहत लाभों का कथित दुरुपयोग का मामला भी सामने आया था।
अब इन मामले में महाराष्ट्र सरकार ने रिपोर्ट मांगी है। यानी पूजा खेडकर पर अब सरकार का शिकंजा कस सकता है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। एचटी की एक खबर के मुताबिक, आईएएस पूजा खेडकर पर स्टील चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किए गए ट्रांसपोर्टर को रिहा करने का दबाव बनाने का भी आरोप लगा है।

खबर के मुताबिक, इस मामले में नवी मुंबई पुलिस ने गुरुवार 11 जुलाई को पूजा खेडकर के खिलाफ एक रिपोर्ट मुख्य सचिव सुजाता सौनिक को भेजी थी। जिसके बाद पूजा खेडकर को पुणे से वसीम ट्रांसफर कर दिया गया था। मुख्य सचिव को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पूजा खेडकर ने कथित तौर पर नवी मुंबई के पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे दबाव डाला था।
आईएएस पूजा खेडकर ने पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे पर एक ट्रांसपोर्टर को रिहा करने के लिए दबाव डाला था, जिसे मई महीने में पनवेल पुलिस द्वारा स्टील चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। खबर के मुताबिक, ईश्वर अर्जुन उत्तरवाड़े नामक व्यक्ति ट्रांसपोर्ट का काम करता था।
ईश्वर अर्जुन अपने ट्रांसपोर्ट से एक बिल्डर के यहां स्टील पहुंचना था, लेकिन जब बिल्डर के यहां स्टील का स्टॉक पहुंचा तो वह कम निकला। जिसके बाद बिल्डर ने इस बात की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल के बाद ईश्वर अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया था। इसी मामले में खेड़कर ने 18 मई को पानसरे को फोन करके उसे रिहा करने के लिए कहा था।
साथ ही, कहा था कि वो (ईश्वर अर्जुन) निर्दोष है और उसके ऊपर लगे आरोप मामूली हैं। खबर के मुताबिक, आईएएस पूजा खेडकर ने पुलिस उपायुक्त विवेक पानसरे को फोन पर सिर्फ अपनी पहचान बताई थी, लेकिन डीसीपी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि फोन करने वाला सचमुच आईएएस अधिकारी है या फिर खुद को आईएएस बता रहा कोई धोखेबाज है।
हालांकि, उन्होंने फोन पर कोई कोई कदम नहीं उठाया और कथित अपराध के लिए उत्तरवाडे अभी भी न्यायिक हिरासत में है। वहीं, पुणे में खेडकर के हालिया अपराधों के सामने आने के बाद, नवी मुंबई पुलिस ने पुणे कलेक्टरेट और मंत्रालय में अधिकारियों को खेडकर के व्यवहार के बारे में बताया।
साथ ही, मुख्य सचिव द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के जवाब में गुरुवार को नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारम्बे के माध्यम से गृह विभाग को दो पन्नों की रिपोर्ट भेजी गई। इसके बाद मुख्य सचिव ने कहा कि अगर अकादमी में खेडकर का रिकॉर्ड साफ नहीं है, तो उन्हें महाराष्ट्र नहीं भेजा जाना चाहिए था, क्योंकि इससे आईएएस बिरादरी और राज्य सरकार की बदनामी हुई है।












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