महाराष्ट्र के यवतमाल, अमरावती और सतारा में नहीं मिला नए कोविड-19 स्ट्रेन का कोई नया मामला- स्वास्थ्य विभाग

एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि शोधकर्ताओं को पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती और यवतमाल जिलों से लिए गए कोरोना वायरस के नमूनों में दो नए म्यूटेंट्स मिले हैं जो एंटीबॉडी को बेअसर कर सकते हैं।

मुंबई। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि यवतमाल, अमरावती और सतारा जिलों में नए कोविड-19 स्ट्रेन का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इससे पहले एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि शोधकर्ताओं को पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती और यवतमाल जिलों से लिए गए कोरोना वायरस के नमूनों में दो नए म्यूटेंट्स मिले हैं जो एंटीबॉडी को बेअसर कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए लिए गए किसी भी सैंपल में ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के वायरस का स्ट्रेन नहीं मिला है।

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बी. जे मेडिकल कॉलेज और ससून जनरल हॉस्पिटल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश करयेकराते ने कहा, यवतमाल और अमरावती जिलों में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसके बाद 24 सैंपलों की जिनोम सीक्वेंसिंग की गई, जिनमें से 4 अमरावती, यवतमाल और सतारा से लिए गए थे जबकि 12 पुणे से लिए गए थे। उन्होंने आगे कहा कि, 'हमें राज्य सरकार ने नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग करने के लिये कहा था।'

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उन्होंने कहा सभी नमूनों में प्रचलित D614G नामक कोरोना स्ट्रेन पाया गया, लेकिन अमरावती, यवतमाल और सतारा के सैंपलों में अलग तरह का उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) पाया गया। उन्होंने कहा कि, 'अमरावती के सभी चार सैंपलों में E484K नामक म्यूटेशन मिला। जब हमने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या ये सभी सैंपल एक ही परिवार से लिए गए हैं तो पता चला कि यह अलग-2 जगहों से लिए गए हैं। इससे हम इस नतीजे पर पहुंचे की सभी जगह समान म्यूटेशन हो रहा है।' उन्होंने कहा कि अमरावती में जो स्ट्रेन मिला है वह एंटीबॉडी को बेअसर कर बच सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा बस इतना कहना है कि मानव शरीर में एंटीबॉडी होने के बावजूद यह म्यूटेशन उसे नष्ट कर बच कर निकल सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि यवतमाल में हमें N440K का म्यूटेंट मिला है, जिसे आम तौर पर आंध्र प्रदेश में देखा गया था। यह म्यूटेशन भी एंटीबॉडी को बेअसर कर बच सकता है और पुन: संक्रमण का कारण बन सकता है।

उन्होंने आगे बताया कि, 'हमें सतारा में V911I का म्टूटेंट मिला है, लेकिन शोधकर्ता अभी तक इस म्यूटेंट्स के बारे में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संदर्भ नहीं पा सके हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी स्ट्रेन A2 प्रकार के कोरोना वायरस के हैं, जो भारत में आम हैं।' गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुरुवार को 75 दिनों के अंतराल के बाद कोरोना वायरस के 5,000 से अधिक नए मामले सामने आए।

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