Nitesh Rane ने अबू आजमी को ठहराया जिम्मेदार, नागपुर हिंसा को बताया सुनियोजित साजिश
Nitesh Rane on Nagpur Violence: महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नागपुर में हुई हालिया हिंसा के लिए समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि यह घटना पहले से सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई, जिसका मकसद राज्य सरकार की छवि खराब करना था।
राणे ने यह भी कहा कि हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जो लोग पुलिसकर्मियों पर हमला करते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें और हिंसा का रास्ता न अपनाएं।

'अबू आजमी जिम्मेदार'
नागपुर की घटना पर महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा, "...अबू आजमी इसके लिए जिम्मेदार हैं... उन्होंने ही इस मुद्दे को शुरू किया... यह सरकार को बदनाम करने के लिए एक सुनियोजित हिंसा थी... हम अपने पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाने वालों को नहीं छोड़ेंगे... इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी..." {video1}
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नागपुर में कैसे भड़की हिंसा?
नागपुर के महल इलाके में हिंसा तब भड़की जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल द्वारा औरंगज़ेब की प्रतिमा का पुतला जलाया गया। इस दौरान अफवाहें फैलीं कि धार्मिक सामग्री को जलाया गया है, जिससे मुस्लिम समुदाय और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।
पुलिस पर हमला, कई घायल
शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान कई गाड़ियां और घरों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस निकेतन कदम सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। अब तक 25 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है।
राज्य सरकार का कड़ा रुख
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि यह हिंसा "पूर्व नियोजित" थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
सोशल मीडिया पर सख्ती
महाराष्ट्र पुलिस की साइबर टीम ने 100 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है, जिनके जरिए भड़काऊ सामग्री फैलाई गई थी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पुराने वीडियो या झूठी अफवाहें फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नागपुर में हालात नियंत्रण में हैं और पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।
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