जयपुर और नागपुर हिंसा पर भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य के विवादित बयान
जयपुर में हवामहल सीट से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने हाल ही में लाउडस्पीकर के बढ़ते इस्तेमाल और नागपुर में हुई हिंसा को लेकर विवादित बयान दिए हैं। आचार्य ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि उन्हें 50-60 से अधिक शिकायतें मिली हैं, जिनमें यह बताया गया कि लाउडस्पीकर का आवाज स्तर कोर्ट द्वारा तय की गई सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर रहा है।
आचार्य ने कहा, "सुबह 5 बजे की घोषणा के लिए लाउडस्पीकर रात 2 बजे से चालू कर दिए जाते हैं। कॉलोनियों में पोल पर माइक्रोफोन लगाए जा रहे हैं, जो सिरदर्द, बुजुर्गों और बच्चों की परीक्षा में बाधा डाल रहे हैं।" उन्होंने अधिकारियों से इन लाउडस्पीकरों को हटाने की मांग की और 150 स्थानों को चिन्हित कर आयुक्त से इसे हटाने का अनुरोध किया।

वहीं, नागपुर हिंसा को लेकर आचार्य का बयान और भी गंभीर था। उन्होंने कहा, "भारत में आए लुटेरों ने मंदिरों को लूटा और धर्मांतरण के लिए लोगों पर हमले किए। ऐसे लुटेरों की निशानी भारत में नहीं होनी चाहिए। उनकी समाधियां हटाई जानी चाहिए और उनकी जगह महान राजाओं और रानियों की मूर्तियां लगाई जानी चाहिए। इससे नई पीढ़ी को एक महान संदेश मिलेगा।"
आचार्य के इन बयानों पर विरोधियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लाउडस्पीकर के मुद्दे पर उनकी चिंता को जहां कुछ लोगों ने सही ठहराया, वहीं नागपुर हिंसा पर उनके बयान को लेकर उनकी आलोचना भी हुई है। इन बयानों ने राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, और अब देखना यह है कि इस पर सरकार और विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया होती है।












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