Mumbai Monsoon: मानसून की मुंबई में बीमारियों को दावत! वायरल बुखार के 50 फीसदी बढ़े मरीज, डेंगू टॉप पर
Mumbai Monsoon: मानसून मुंबई में वायरल संक्रमण के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियों को भी दावत दे रहा है। जुलाई से सर्दी, खांसी और बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है। वहीं, अस्पतालों में 50 फीसदी मरीजों का इजाफा हुआ है।
Mumbai Monsoon: महाराष्ट्र में मानसून ने इस बार देर में दस्तक दी। लेकिन, भारी बारिश से मुंबई पानी-पानी हो चुकी है। जगह-जगह जलभराव और बजबजाती नालियां। सड़कें तालाब में तब्दील। यह सब मिलकर मुंबई में वायरल संक्रमण के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियों को भी दावत दे रहे हैं। जिसके कारण मुंबई के अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ने लगी है।
शहर के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले 10 दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या में उछाल देखा गया है। हर साल, मानसून के दौरान, शहर में वायरल बुखार के सैकड़ों मामले दर्ज होते हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. एलएच हीरानंदानी अस्पताल के डॉ. मिहिर शाह बताते हैं कि वह सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत वाले रोगियों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देख रहे हैं। मुंबई पर बीमारियों का कहर...

डॉ. शाह बताते हैं कि 1 जुलाई से सर्दी, खांसी और बुखार के मामलों में वृद्धि हुई है। इनमें से कुछ मरीजों में इन्फ्लूएंजा का पता चला है। कुछ में मौसमी कोरोना वायरस ( कोविड-19 नहीं) और रेस्पिरेटरी सिंकाइटियल वायरस (RSV) पाया गया है। वहीं, डॉ. शाह ने कहा कि जटिल डेंगू बुखार, टाइफाइड, निमोनिया या अज्ञात मूल के बुखार वाले रोगियों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। टाइफाइड, डेंगू, मलेरिया और कोविड-19 से बचने के लिए टेस्ट कराने की हमेशा सलाह दी जाती है।
कमजोर इम्यूनिटी वाले सबसे ज्यादा प्रभावित
वहीं, कोकिलाबेन अस्पताल में बाल रोग और संक्रामक रोग सलाहकार डॉ. तनु सिंघल कहती हैं कि अस्पताल में मरीजों में 50 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। डॉक्टर वायरल बुखार वाले रोगियों, खासकर बच्चों को देख रहे हैं। दरअसल, 9 में से लगभग 7 मरीजों को तेज बुखार, नाक बहना, अस्थमा, खांसी और एलर्जिक ब्रोंकाइटिस की शिकायत है।
फोर्टिस अस्पताल की सलाहकार डॉ . शोभा सुब्रमण्यन-इटोलिकर बताती हैं कि सबसे ज्यादा प्रभावित कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चे, बुजुर्ग, मधुमेह मरीज, अस्थमा या पुरानी फेफड़ों की बीमारी और कैंसर रोगी शामिल हैं। हालांकि, भर्ती किए गए अधिकांश मरीज IV हाइड्रेशन, एंटीवायरस, एंटीबायोटिक उपचार और सहायक चिकित्सा से ठीक हो रहे हैं। यही स्थिति नगर निगम द्वारा संचालित अस्पतालों में भी है।
जुलाई के पहले 8 दिनों में डेंगू के मरीजों में इजाफा
डॉ. सुब्रमण्यम ने कहते हैं कि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के लक्षण वायरल संक्रमण जैसे ही होते हैं। इसलिए, लोग अक्सर लक्षणों को तब तक हल्के में लेते हैं, जब तक उनकी स्थिति खराब नहीं हो जाती। स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचने के लिए हमेशा डॉक्टरों से परामर्श लें। इस महीने वायरल संक्रमण के साथ-साथ मच्छर जनित बीमारियों के मामले भी बढ़े हैं।
उदाहरण के लिए, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले 8 दिनों में मुंबई में डेंगू के 91 मामले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई 2022 में यह 61 थे। डॉक्टरों ने बिना चिकित्सा सलाह दवा नहीं खाने की सलाह दी है।












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