Maharashtra: मराठा आरक्षण को लेकर बड़ा दावा, मसौदा तैयार! जानिए शिंदे सरकार ने अब तक उठाए क्या कदम
मराठा आरक्षण को लेकर शिंदे सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता जारंगे-पाटिल की ओर फिर से चेतावनी को लेकर शिंदे सरकार ने बड़ी बात कही है। सरकार का कहना है कि जनता के लिए जारी होने से पहले उन्हें मसौदा कानून की पहली प्रति मिल जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार ने इस हफ्ते शुक्रवार को कहा कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे-पाटिल की "सभी मांगें" स्वीकार कर ली हैं। अध्यादेश का मसौदा तैयार कर लिया गया है। राज्य सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल मसौदा अध्यादेश की एक प्रति के साथ वाशी भी पहु्ंचा, जहां फिर से मराठा आंदोलन की चेतावनी के साथ डटे हुए हैं।

रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा की शिंदे सरकार ने श्वासन दिया है कि अध्यादेश को सार्वजनिक करने से पहले इसकी एक प्रति जरांगे और पाटिल को सौंपी जाएगी। इस बीच वाशी में एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने मनोज जरांगे से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों पर कुछ दस्तावेज दिए।
दरअसल, यह निर्णय मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास वर्षा में अधिकारियों की एक टीम के साथ आयोजित बैठक के बाद आया। बता दें कि जारांगे और पाटिल हजारों समर्थकों के साथ नवी मुंबई के वाशी में शिवाजी चौक पर एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नौकरियों और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत मराठा कोटा की मांग को लेकर जालना जिले से 20 जनवरी को शुरू हुई मुंबई की ओर अपनी यात्रा के तहत वे शुक्रवार सुबह वाशी पहुंचे, और उन्होंने अपनी मांगे पूरा ना होने भोजन ना करने का निर्णय लिया है।












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