महाराष्ट्र में एक और बड़ा उलटफेर! सुब्रमण्यम स्वामी का दावा, 'उद्धव ठाकरे के पास वापस लौटेंगे बागी विधायक'
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सियासत में लगातार बदलाव की फिजा देखने को मिल रही है। ऐसे में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा शिवसेना के बागी उद्धव ठाकरे के पास लौटने के दावे से सियासी हलचल और बढ़ गई है।
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में सियासत उठापटक थमने का नाम नहीं ले रही है। अजित पवार के चाचा शरद पवार से बगावत करते ही राजनीतिक फिजा ही राज्य की बदल चुकी है। अजित पवार का बीजेपी सरकार-एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होना। फिर, डिप्टी सीएम बनना। वहीं, अजित पवार के साथ आए विधायकों में से 9 का मंत्री बनना। एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के विधायकों की टूट का कारण बनता नजर आ रहा है।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी बुधवार को कहा कि मैं मुंबई में हूं और मैंने सुना है कि शिवसेना के बागी उद्धव ठाकरे के पास लौट सकते हैं, क्योंकि मोदी द्वारा एनसीपी को लुभाने और पहले उनका इस्तेमाल करने के बाद उन्हें दरकिनार करने से नाराजगी है। सुब्रमण्यम स्वामी के बयान से साफ सकेंत मिलते हैं कि शिवसेना के बागी उद्धव ठाकरे के पास लौटने की फिराक में है। उलटफेर के पीछे यह है मजबूत वजह...

दरअसल, बीती एक जुलाई को अजित पवार ने अपने कुछ विधायकों की टोली संग एनसीपी से बगावत कर बीजेपी सरकार-एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना का हाथ थाम लिया। जिसके बाद अजित पवार रातोंरात एकनाथ शिंदे की सरकार में प्रदेश के नए डिप्टी सीएम बने। साथ ही अजित के साथ बीजेपी में आए विधायकों में से 9 को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
जाहिर है, पिछले एक साथ से शिंदे सरकार में मंत्री बनने की चाह रखने वाले विधायकों का सपना टूट गया। क्योंकि एनसीपी को लुभाने के लिए बीजेपी ने पहले तवज्जो दी। ऐसे में शिंदे के विधायक, जो पिछले साल उद्धव ठाकरे से बगावत करके आए थे, वो खासा नाराज हैं।
महाराष्ट्र में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव!
वहीं, प्रदेश की राजनीति में बदलती आबोहवा को देखते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पोते रोहित पवार ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव दिसंबर 2023 में होंगे। इसी के साथ ही विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।












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