Maharashtra: MVA के किन नेताओं के संपर्क में था मंत्री से उगाही की कोशिश में शामिल शख्स? फडणवीस का बड़ा खुलासा

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को बड़ा खुलासा करते हुए विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेताओं पर उनके कैबिनेट मंत्री जयकुमार गोरे के खिलाफ उगाही की 'साजिश' में शामिल होने का आरोप लगाया।

विधानसभा में विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए फडणवीस ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से एक का एनसीपी (एसपी) के नेताओं सुप्रिया सुले और रोहित पवार से संपर्क था। उन्होंने इस मामले की पूरी जांच कराने की बात भी कही।

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Maharashtra Politics: मंत्री से उगाही की कोशिश का मामला

पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले के मान विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक और ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री जयकुमार गोरे ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि एक महिला ने उन पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर समझौता करने के लिए 3 करोड़ रुपए की मांग की थी। पुलिस के अनुसार, यह महिला 1 करोड़ रुपए स्वीकार करते हुए पकड़ी गई, जिसके बाद उसे सतारा में स्थानीय क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मामले में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि तीन लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है - महिला, पत्रकार तुषार खरात और अनिल सुबेदार। इन तीनों ने मिलकर मंत्री गोरे के खिलाफ 'साजिश' रची। पुलिस जांच में इनके बीच व्हाट्सएप मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स भी सामने आए हैं, जिससे इनकी संलिप्तता साबित होती है।

Maharashtra News: विपक्षी MVA नेताओं से कनेक्शन

फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि इस 'साजिश' में एनसीपी (एसपी) के कुछ नेताओं की भूमिका सामने आई है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति, प्रभाकरराव देशमुख, ने तीनों आरोपियों से 100 से अधिक बार बात की और उन्हें गोरे के खिलाफ 'षड्यंत्'र से जुड़े वीडियो भी भेजे गए। इसके अलावा, सुप्रिया सुले और रोहित पवार ने आरोपी तुषार खरात को कॉल किया और गोरे के खिलाफ बनाए गए वीडियो इन्हें भेजे गए।

फडणवीस ने जोर देकर कहा कि विपक्ष और सत्ता पक्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, लेकिन वे दुश्मन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Maharashtra News: गोरे के खिलाफ पुराने मामले

विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर मंत्री जयकुमार गोरे का इस्तीफा मांग रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि गोरे ने महिला को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी थीं और उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। हालांकि, मंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ 2017 में आईपीसी की धारा 354 (छेड़छाड़) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन 2019 में उन्हें अदालत से बरी कर दिया गया था।

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि गोरे को पांच साल पहले ही अदालत से क्लीन चिट मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि अब यह साबित हो चुका है कि गोरे के खिलाफ 'साजिश' रची गई थी और इसमें विपक्षी नेताओं की भूमिका रही है।

Maharashtra Politics: विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव

इस पूरे विवाद के बाद जयकुमार गोरे ने इसी महीने शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद संजय राउत, रोहित पवार और पत्रकार तुषार खरात के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ गलत सूचनाएं फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई।

फडणवीस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विशेषाधिकार समिति को और सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी मंत्री या विधायक दबाव में न आए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग बार-बार सदन का अपमान कर रहे हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। (इनपुट-पीटीआई)

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