Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र में आज हो सकता है खेला, MLC के चुनाव में क्रॉस वोटिंग से बदलेगा गणित
Maharashtra MLC Election: लोकसभा चुनाव में बड़ा झटका लगने के बाद महाराष्ट्र में महायुति के सामने विधान परिषद के चुनाव में खुद को साबित करने का मौका है। प्रदेश में होने वाले आगामी लोकसभा चुनाव से तकरीबन एक महीने पहले होने जा रहे इन चुनावों को महायुति गठबंधन की अग्निपरीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।
महाराष्ट्र में आज होने वाले विधान परिषद के चुनाव में 11 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए ने 9 उम्मीदवार उतारे हैं तो इंडिया गठबंधन की ओर से 3 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। जिसके बाद यह चुनाव काफी दिलचस्प हो गए हैं।

भाजपा के 5 उम्मीदवार मैदान में
भाजपा की ओर से पांच उम्मीदवारों के नाम को आगे बढ़ाया गया है जिसमे राष्ट्रीय सचिव पंकजा मुंडे, पूर्व मंत्री परिणय फुके, पूर्व पुणे महापौर योगेश तिलेकर, मातंग समुदाय के नेता अमित गोरखे और पूर्व मंत्री सदाभाऊ खोत शामिल हैं।
एकनाथ शिंदे और अजित पवार के 2-2 उम्मीदवार
वहीं उपमुख्यमंत्री अजित पवार की रांकापा ने राजेश विटेकर और महासचिव शिवाजीराव गर्जे को मैदान में उतारा है। जबकि शिवसेना ने पूर्व लोकसभा सांसद भावना गवली और कृपाल तुमाने को उम्मीदवार बनाया है।
महाराष्ट्र विधानसभा का गणित
महाराष्ट्र विधानसभा की बात करें तो कुछ की मृत्यु और कुछ के इस्तीफे सहित विभिन्न कारणों से सदन में विधायकों की संख्या 288 से घटकर 274 रह गई है।
वरीयता मतदान प्रणाली के तहत उम्मीदवारों को निर्वाचित होने के लिए 23 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में मौजूदा संख्या के आधार पर महायुति को नौ सीटें जीतने का भरोसा है, जबकि एमवीए को दो सीटें जीतने की उम्मीद है।
कौन हो रहा रिटायर
बता दें कि 27 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले 11 एमएलसी में से चार भाजपा , दो कांग्रेस से तो एनसीपी, शिवसेना, शिवसेना (यूबीटी), पीडब्ल्यूपी और राष्ट्रीय समाज पार्टी से एक-एक सदस्य हैं।
नंबर गणित
भाजपा के पास निर्दलीयों के समर्थन को मिलाकर कुल 111 विधायक हैं, लेकिन इसके बाद भी भाजपा को अपने 5 उम्मीदवारों की जीत के लिए 4 और विधायकों के वोट की जरूरत है।
वहीं एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना के पास 38 विधायक हैं। इसके साथ ही प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो विधायकों और सात निर्दलीयों विधायकों का समर्थन भी शिंदे के पास है। कुल मिलाकर एकनाथ शिंदे के पास 47 विधायक हैं।
जिनकी मदद से आसानी से दो सीटों पर जीत मिल सकती है। अजित पवार की एनसीपी की बात करें तो उनके पास 39 विधायक हैं और दो निर्दलीयों का समर्थन भी है।
वहीं 37 विधायकों वाली कांग्रेस एक सीट हासिल कर सकती है। जबकि बाकी के विधायकों के समर्थन से शिवसेना (यूबीटी) के नार्वेकर आसानी से जीत सकते हैं। शिवसेना (यूबीटी) के पास 15 विधायक हैं।
क्रॉस वोटिंग पर नजर
यानि आज होने वाले चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर हर किसी की नजर रहेगी। क्रॉस वोटिंग ही यह तय करेगी कि सत्ता पक्ष या विपक्ष कौन मजूबूत है। सूत्रों की मानें ने आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट का भरोसा मिलने के बाद ही मौजूदा विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। ऐसे में भविष्य में महाराष्ट्र में गठबंधन की रणनीति क्या रहेगी, यह आज के चुनाव पर काफी हद तक निर्भर करेगा।












Click it and Unblock the Notifications