महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने दिया अनाथ बच्चों को शिक्षा और नौकरी में 1 फीसदी का कोटा
महाराष्ट्र सरकार ने अपने मां बाप को खो चुके बच्चों के लिए बड़ी राहत दी है। शिंदे सरकार ने अनाथ बच्चों की शिक्षा और सरकारी नौकरियों के लिए एक फीसदी आरक्षण का ऐलान किया है।

अनाथ बच्चों के लिए महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नौकरी और शिक्षा में एक फीसदी आरक्षण का आदेश जारी किया है। साथ ही आदेश में बताया कि जिन बच्चों के माता पिता उनके बालिग यानी 18 साल होने से पहले ही खत्म हो गए, वही बच्चे नौकरी में ये आरक्षण पाने के हकदार होंगे।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कोरोना के दौरान महाराष्ट्र में करीब 800 बच्चों में अपने माता पिता दोनों को खो दिया। वहीं, इस कोटा के निर्धारण के लिए सरकार ने कुछ मापदंड तैयार किए गए। यानी बच्चों की श्रेणी के आधार पर उन्हें कोटा दिया जाएगा।
A,B,C श्रेणी के आधार पर बांटे गए बच्चे
बच्चों में श्रेणी का निर्धारण कुछ इस तरह से होगा। जैसे किसी बच्चें को अपने मां बाप, भाई बहिन या फिर किसी भी नजदीकी रिश्तेदार की बिना किसी जानकारी के अनाथालय में रहने वाले बच्चों को ए श्रेणी में रखा गया है।
वहीं, जिस बच्चे ने अपने माता पिता दोनों को खो दिया है और जिसके पास कोई जाति प्रमाण पत्र नहीं है। साथ ही अनाथालय में रह रहा है। वो बी श्रेणी में रहेगा।
जबकि, सी श्रेणी वाले बच्चे वे होंगे, जिन्होंने 18 साल से पहले भले ही अपने मां बाप को खो दिया हो। लेकिन वो अपने सगे रिश्तेदार, नाना नानी या दादा दादी के पास रह रहे होंगे। इन्हें बाकि बच्चों की तरह आयु, ट्यूशन और परीक्षा शुल्क में अनुसूचित बच्चों के जैसे ही आरक्षण मिलेगा। लेकिन वे सरकारी नौकरी में आरक्षण के पात्र नहीं होंगे।
आवेदन करने की प्रक्रिया
अनाथालय अधीक्षक के माध्यम से बच्चे आवेदन कर सकते हैं। वहीं, निजी स्थानों में पले बढ़ बच्चे जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं।
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