Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Maharashtra elections: मुसलमानों को लुभाने के लिए एक और दांव? दरगाह के दर्शन करवाएगी महाराष्‍ट्र सरकार

Maharashtra election: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। चुनाव आयोग द्वारा महाराष्‍ट्र चुनाव की तारीख का ऐलान करने से पहले महायुति सरकार ने मुस्लिम वोटरों को साधते हुए बड़ा ऐलान कर चुकी है। एकनाथ शिंदे सरकार ने मुसलमानों को कुल पांच प्रमुख धार्मिक स्‍थलों पर तीर्थ यात्रा करवाने का निर्णय किया है।

महराष्‍ट्र सरकार ने अपनी तीर्थयात्रा योजना का दायरा बढ़ाकर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को भी इसमें शामिल कर लिया है।

Maharashtra election

महाराष्ट्र की तीर्थयात्रा योजना में दरगाहों और अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों को शामिल करने के निर्णय के बाद शिंदे सरकार विपक्ष के निशाने पर आ चुकी है।

बता दें इससे ठीक पहले महाराष्‍ट्र सरकार ने मदरसा टीचरों की सैलरी तीन गुना बढ़ाने का ऐलान किया था। सरकार के इस फैसले के बाद मदरसे में डीएड और बीएड टीचरों को महज छह हजार रुपये मिलता था उनकी सैलरी तीन गुना बढ़ने के बाद 16 हजार रुपये करने का ऐलान किया है। वहीं इसके बाद अब तीर्थ यात्रा में दरगाहों को महायुति सरकार ने शामिल करने का ऐलान किया।

इन दरगाहों को किया गया शामिल

बता दें पहले, इस योजना में कोई भी मुसलमानों का धार्मिक तीर्थस्थल शामिल नहीं था, लेकिन अब प्रमखु दरगाह को शामिल कर दिया है। जिसमें मुंबई की हाजी अली दरगाह, कल्याण में हाजी मलंग दरगाह और भिवंडी में दीवानशाह दरगाह जैसी दरगाहें शामिल हैं।

क्‍या है तीर्थ यात्रा योजना?

महाराष्‍ट्र सरकार की तीर्थ यात्रा योजना, जिसे शुरू में वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आध्यात्मिक यात्राओं में सहायता करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, तीर्थयात्रा के लिए प्रति व्यक्ति 30,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह पहल 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को लक्षित करती है, इस शर्त के साथ कि उनकी पारिवारिक आय प्रति वर्ष 2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। 15 अक्टूबर को लागू हुए इस प्रस्ताव में शुरू में महाराष्ट्र के भीतर 95 और बाहर 15 गंतव्य शामिल किए गए हैं, जिसमें ये दरगाहें भी के नाम भी शामिल हैं।

मुस्लिम वोटरों को लुभाने का प्‍लॉन?

महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले तीर्थयात्रा योजना में अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों को शामिल करने को कुछ लोगों ने महायुति सरकार द्वारा एक राजनीतिक कदम माना है। आलोचकों का तर्क है कि इस निर्णय का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों से समर्थन प्राप्त करना हो सकता है, जो संभावित रूप से सरकार के पक्ष में मतदाता आधार को प्रभावित कर सकता है।

इस विपक्षी पार्टी ने किया स्‍वागत

समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मुस्लिम स्थलों को शामिल करने का स्वागत किया, हालांकि उन्‍होंने आरोप लगया कि शिंदे सरकार का ये निर्णय राजनीति से प्रभावित है। उन्‍होंने कहा "जब जुलाई में योजना शुरू की गई थी, तो मुस्लिम स्थलों की अनुपस्थिति के बारे में सवाल उठाए गए थे। मैंने खुद सीएम शिंदे को उन्हें शामिल करने के लिए पत्र लिखा था। मुझे खुशी है कि अब कई स्थानों को इसमें शामिल किया गया है।

सूफी संतों की दरगाहों में हिंदू भी जाते हैं"चुनाव से पहले मुस्लिम स्थलों को शामिल करना सरकार की मंशा को दर्शाता है। महाराष्ट्र संतों की भूमि है, और राज्य में सूफी संतों की दरगाहें हैं, जहां हिंदू भी जाते हैं। इस इतिहास को जानते हुए भी सरकार ने उन्हें शुरू में योजना में शामिल नहीं किया, जिससे हमें इसकी प्रकृति का अंदाजा हो सकता है।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+