Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

‘अलख निरंजन’ का ढोंग! भूत भगाने के नाम पर जूतों से पीटा, पेशाब पिलाई, महिला भक्तों की चीखों से गूंजा आश्रम

Maharashtra Dhongi Dharma Guru : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक स्वयंभू बाबा, संजय रंगनाथ पगार, की अमानवीय करतूतों ने समाज को झकझोर दिया है। इस तथाकथित धर्मगुरु ने भूत-प्रेत भगाने के नाम पर अपने अनुयायियों को जूतों से पीटा, पेशाब पिलाया, और महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार किया।

एक वायरल वीडियो में उसकी क्रूरता सामने आने के बाद वह फरार हो गया है, और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। यह मामला अंधविश्वास और धार्मिक ठगी की गहरी जड़ों को उजागर करता है।

Maharashtra Dharma Guru beats

क्या है पूरा मामला?

17 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 1 बजे छत्रपति संभाजीनगर के एक गांव में रिकॉर्ड हुआ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें संजय रंगनाथ पगार नाम का यह बाबा एक व्यक्ति पर रंग डालते हुए 'अलख निरंजन' का जाप करता दिख रहा है। वीडियो में वह व्यक्ति को जबरन उठाकर उसकी नाक पर जूते से प्रहार करता है, फिर उसे जमीन पर लिटाकर गले पर पैर रखता है और लकड़ी के डंडे से पेट पर दबाव डालकर धमकाता है।

पीड़ितों का कहना है कि पगार भूत-प्रेत भगाने के बहाने ऐसी क्रूरता करता था। उसने कई लोगों को पेशाब पीने के लिए मजबूर किया और महिलाओं के साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार किया। एक पीड़िता ने बताया, 'वह हमें भूत भगाने का डर दिखाकर जूतों से मारता था और गंदी चीजें पिलाता था। हम डर के मारे चुप रहते थे।'

पुलिस और अंधविश्वास विरोधी समिति की कार्रवाई

यह वीडियो छत्रपति संभाजीनगर अंधविश्वास विरोधी समिति (ANS) के ध्यान में आया। समिति के कार्यकर्ता गांव पहुंचे और पगार की करतूतों का पर्दाफाश किया। ANS के सचिव अविनाश पाटिल ने कहा, 'यह बाबा लोगों की आस्था का गलत फायदा उठा रहा था। हमने तुरंत पुलिस को सूचित किया।' इसके बाद, वैजापुर पुलिस स्टेशन में पगार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 352 (जानबूझकर अपमान), और 354 (महिला की गरिमा भंग करना), साथ ही महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन अधिनियम, 2013 के तहत मामला दर्ज किया गया।

पुलिस ने दो विशेष टीमें गठित की हैं, जो पगार और उसके कुछ अनुयायियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। SP वैजापुर, संदीप गवली ने चेतावनी दी, 'अंधविश्वास फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कोई भी ऐसा व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा।'

कौन है संजय पगार?

पुलिस के अनुसार, संजय रंगनाथ पगार छत्रपति संभाजीनगर के वैजापुर तालुका का रहने वाला है। वह पिछले कुछ सालों से 'तांत्रिक बाबा' बनकर गांवों में लोगों को ठग रहा था। वह भूत-प्रेत और जादू-टोना हटाने का दावा करता था और इसके लिए मोटी रकम वसूलता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि पगार अपने अनुयायियों के साथ मिलकर डर और अंधविश्वास का माहौल बनाता था। घटना के बाद वह अपने कुछ करीबी अनुयायियों के साथ फरार हो गया।

अंधविश्वास का गहरा जाल

यह घटना महाराष्ट्र में अंधविश्वास और धार्मिक ठगी की गंभीर समस्या को उजागर करती है। ANS के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में ऐसे स्वयंभू बाबा लोगों की अशिक्षा और डर का फायदा उठाते हैं। समिति ने पिछले पांच साल में 200 से ज्यादा ऐसे मामलों का पर्दाफाश किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि शिक्षा, जागरूकता, और सख्त कानूनी कार्रवाई ही इस बुराई को खत्म कर सकती है।

पुलिस पगार की तलाश में छापेमारी तेज कर रही है। स्थानीय लोग अब डर के साये से बाहर आकर पुलिस को और जानकारी दे रहे हैं। ANS ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे तांत्रिकों के झांसे में न आएं और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें। क्या पगार को पकड़ा जा सकेगा, और क्या यह मामला अंधविश्वास के खिलाफ जंग को और मजबूत करेगा? यह समय बताएगा।

हेल्पलाइन: अंधविश्वास या ठगी की शिकायत के लिए अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (ANS) से संपर्क करें: 1800-123-4567; या स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन 112।

ये भी पढ़ें- 'हिंदी बनाम मराठी’ विवाद से महाराष्ट्र की सियासत में बवाल, राज ठाकरे और निशिकांत दुबे की जुबानी जंग पहुंचा SC

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+