Maharashtra Chunav: महाराष्ट्र में धारावी सीट पर चुनावी घमासान, कांग्रेस पर भाई-भतीजावाद करने के आरोप
Maharashtra Assembly Elections 2024: महाराष्ट्र में मुंबई के धारावी निर्वाचन क्षेत्र में चार दशकों से कांग्रेस का मजबूत प्रभाव बना हुआ है। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस ने लगातार मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन लेकर जीत हासिल की है। इस बार का चुनाव पहले से अलग है। यहां चार पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। जो धारावी की राजनीतिक स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। विपक्ष कांग्रेस पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगा रहा है। खासकर थेकवाड़ परिवार की एकाधिकार शैली को लेकर।
धारावी पुनर्विकास परियोजना चुनावी मुद्दा
धारावी पुनर्विकास परियोजना इस बार के चुनाव में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर उभरी है। कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी इस बात पर भी है कि कैसे गायकवाड़ परिवार के सदस्यों को लगातार पार्टी की ओर से प्रत्याशी बनाया जा रहा है। वर्षा गायकवाड़ के लोकसभा में जाने के बाद डॉ. ज्योति गायकवाड़ को चुनावी मैदान में उतारा गया। जिससे कांग्रेस के भीतर वंशवाद पर असंतोष और बढ़ गया है।

मुस्लिम मतदाताओं की निर्णायक भूमिका
धारावी के मतदाता विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। बौद्ध, चमड़ा कारीगर, उत्तर भारतीय, दक्षिण भारतीय और मुस्लिम। जहां मुस्लिम मतदाता परिणाम में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। वहीं पुनर्विकास और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना इन चुनावों की अहमियत को और बढ़ा रहा है।
इस बार शिवसेना के शिंदे गुट से राजेश खंडारे बहुजन समाज पार्टी के मनोहर रायबाग और आम आदमी पार्टी के एडवोकेट संदीप कटके जैसे उम्मीदवार भी कांग्रेस को चुनौती दे रहे हैं। ठाकरे गुट के बाबूराव माने का नामांकन वापस लेना इस चुनाव की प्रतिस्पर्धात्मकता और रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित करता है।
धारावी के 2.6 लाख से अधिक मतदाताओं की समस्याएं
धारावी के 2.6 लाख से अधिक मतदाताओं की समस्याएं शौचालय सुविधाओं की कमी, मानसून की बाढ़ और यातायात की समस्याएं भी प्रमुख चुनावी मुद्दे हैं। कांग्रेस के खिलाफ मतदाताओं में कई सालों से इन समस्याओं को नजरअंदाज करने का असंतोष है। जिससे इस बार मतदाता बदलाव की मांग कर सकते हैं।
विकास के वादे और कांग्रेस के सामने चुनौती
धारावी पुनर्विकास परियोजना इस चुनाव में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा चुनावी वादा है। यह परियोजना धारावी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और बुनियादी सुविधाएं सुधारने का वादा करती है। हालांकि महाविकास अघाड़ी द्वारा इसके खिलाफ उठाए गए मुद्दों ने मतदाताओं में कुछ असंतोष भी पैदा किया है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के लिए लड़की बहन योजना जैसी योजनाएं भी मतदाताओं के समर्थन में महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
धारावी चुनावों में कांग्रेस को वंशवादी राजनीति और स्थानीय मुद्दों से जुड़े असंतोष के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए कठिन लड़ाई का सामना करना पड़ेगा। इस चुनाव का नतीजा इस पर निर्भर करेगा कि कौन सी पार्टी इन ज्वलंत मुद्दों पर अधिक संवेदनशीलता और समाधान देने का वादा करती है।
धारावी का यह चुनावी परिदृश्य बदलते विकास के वादों, वंशवादी राजनीति और समुदाय-विशिष्ट प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर केंद्रित है। मतदाताओं का फैसला न केवल धारावी के भविष्य को प्रभावित करेगा। बल्कि मुंबई के एक प्रमुख चुनावी परिदृश्य में राजनीतिक निष्ठा और शासन की प्राथमिकताओं की दिशा भी तय करेगा।












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