केतन को कैसे खाई में धक्का दिया? अब सिया-प्रेमी ने बताए सारे राज, मर्डर सीन रीक्रिएट में पता चला सबकुछ
Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच अब उस मोड़ पर पहुंच गई है, जहां पुलिस सिर्फ बयानों पर नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम को उसी जगह दोबारा दोहराकर हर कड़ी जोड़ रही है। रविवार (28 जून) की सुबह मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को भारी सुरक्षा के बीच लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएट कराया।
केतन के बराबर वजन का डमी इस्तेमाल किया गया, ताकि यह समझा जा सके कि आखिर धक्का किस जगह से दिया गया, दोनों आरोपियों की पोजिशन क्या थी और वारदात किस क्रम में हुई। जांच के दौरान सामने आए कई नए खुलासों ने इस केस को और भी चौंकाने वाला बना दिया है।

पुलिस ने कैसे दोबारा बनाया पूरा मर्डर सीन?
पुणे ग्रामीण पुलिस सुबह करीब साढ़े छह बजे सिया गोयल और चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले लेकर पहुंची। करीब ढाई घंटे तक पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने घटनास्थल पर केतन के बराबर वजन का डमी तैयार कराया और उसी दीवार से नीचे गिराकर देखा, जहां से केतन को कथित तौर पर धक्का दिया गया था।
डीएसपी गजानन टोंपे ने बताया कि सिया के बताए क्रम के हिसाब से पूरी घटना दोबारा कराई गई, ताकि यह समझा जा सके कि वारदात वास्तव में कैसे हुई। पुलिस ने यह भी रिकॉर्ड किया कि आरोपी किस रास्ते से वहां पहुंचे, कहां खड़े थे और धक्का देने के वक्त उनकी स्थिति क्या थी।
सिया गोयल और चेतन चौधरी के अलग-अलग पूछताछ से मिलाया गया दोनों का बयान
पुलिस अधिकारियों ने पहले सिया गोयल को घटनास्थल पर ले जाकर पूरा घटनाक्रम समझने की कोशिश की। उसके बाद चेतन चौधरी को अलग से उसी जगह ले जाया गया, ताकि दोनों के बयानों का मिलान किया जा सके। पूरे रीक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। पुणे ग्रामीण पुलिस
अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि रविवार को दोनों आरोपियों को उसी पॉइंट पर ले जाया गया, जहां से केतन को धक्का दिया गया था। जांच टीम ने पहले सिया गोयल को ले जाकर पूछताछ की और फिर चेतन चौधरी को अलग से वहां ले जाया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों के बयानों में अगर कोई झूठ हो, तो वह पकड़ा जा सके। सुरक्षा के लिहाज से इस दौरान पर्यटकों के लिए किले को पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
डीएसपी गजानन टोंपे के बयान के मुताबिक, "हमने सिया के बताए अनुसार पूरे घटनाक्रम का सीन रीक्रिएशन किया। इसके लिए केतन के बराबर वजन का एक डमी पुतला तैयार किया गया था, जिसे दीवार से नीचे गिराकर देखा गया कि घटना किस क्रम में हुई।" जांच टीम यह भी पता लगा रही है कि क्या वारदात से पहले सिया ने चेतन को कोई इशारा किया था और क्या चेतन पहले से वहां छिपकर दोनों का इंतजार कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि यह वारदात अचानक नहीं हुई। सिया और चेतन ने पहले लोहागढ़ किले का दौरा कर उस जगह की पहचान की थी, जहां से किसी को धक्का देकर नीचे गिराया जा सके। पुलिस का दावा है कि दोनों ने सिर्फ एक योजना नहीं बनाई थी। अगर पहली कोशिश नाकाम रहती तो उनके पास दूसरा विकल्प भी तैयार था। इतना ही नहीं, पकड़े जाने की स्थिति में क्या कहानी बतानी है, इसकी भी पहले से तैयारी की गई थी।

गूगल से सीखा मर्डर का तरीका
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा दोनों की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से हुआ है। डिजिटल पत्रकारिता के इस दौर में अपराधी सोचते हैं कि वे स्क्रीन साफ करके बच जाएंगे, लेकिन वे भूल जाते हैं कि हर क्लिक एक निशान छोड़ता है। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन ने गूगल पर सर्च किया था कि 'डेथ पॉइंट क्या होते हैं' और 'जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो'। इतना ही नहीं, उन्होंने पकड़े जाने पर पुलिस के तीखे सवालों के क्या जवाब देने हैं, इसकी पूरी स्क्रिप्ट तैयार की थी।
सबूत मिटाने के लिए उन्होंने कौन-कौन से वॉट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं, यह भी गूगल से ही सीखा। इसके बाद दोनों ने अपनी पूरी चैट हिस्ट्री और रीसायकल बिन को साफ कर दिया था, जिसकी अब फोरेंसिक जांच चल रही है। चेतन इतना शातिर था कि मर्डर वाले दिन अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपना असली मोबाइल एक दुकान पर ही छोड़ दिया और दूसरे फोन का इस्तेमाल किया।
एक बार झाड़ियों ने बचाया, तो दूसरी बार में उतार दिया मौत के घाट
इस मर्डर मिस्ट्री का एक और डरावना पहलू यह है कि केतन को मारने की यह दूसरी कोशिश थी। इससे पहले 14 जून को भी सिया केतन को इसी किले पर लेकर आई थी और उसने उसे धक्का दे दिया था। लेकिन उस वक्त केतन की किस्मत अच्छी थी; वह पहाड़ी के किनारे उगी एक झाड़ी में अटक गया और उसकी जान बच गई।
तब सिया ने बड़ी चालाकी से सांप आ जाने का बहाना बनाकर बात पलट दी थी। इसके बाद दोनों आरोपियों ने एक 'प्लान बी' और 'प्लान सी' भी तैयार रखा था कि अगर मुख्य योजना फेल हो गई तो भेष बदलकर कैसे भागना है। दोनों ने वारदात से पहले अकेले लोहागढ़ किले जाकर उस सटीक जगह (डेथ पॉइंट) की रेकी भी की थी, जहां से केतन को आसानी से नीचे गिराया जा सके।
सिया और चेतन की 338 घंटे की वो सीक्रेट बातचीत
कॉल डेटा रिकॉर्ड्स (CDR) खंगालने पर पुलिस के हाथ एक बहुत बड़ा सुराग लगा है। जनवरी से लेकर 18 जून की सुबह 7 बजे तक (मर्डर से ठीक कुछ घंटे पहले) सिया ने एक अज्ञात नंबर पर 2004 बार कॉल की थी। दोनों के बीच करीब 338 घंटे की बातचीत हुई थी, यानी वे रोज औसतन 2 घंटे फोन पर बिताते थे। जांच करने पर पता चला कि यह नंबर किसी और का नहीं बल्कि उसके प्रेमी चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में है, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
पूछताछ में सिया ने जो वजह बताई, उसे सुनकर हर कोई हैरान है। सिया का कहना है कि उसे केतन का विग लगाना और उसका हकलाना बिल्कुल पसंद नहीं था, इसलिए वह उसे अपने रास्ते से हटाना चाहती थी। जबकि केतन के पिता का दावा है कि शादी तय होने से पहले ही सिया के परिवार को विग के बारे में सब कुछ सच-सच बता दिया गया था। दोनों की मुलाकात एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी और फिर वे दिवाली पूजा में मिले थे।
शव रेस्क्यू करने वाले की गवाही और केतन के परिवार ने क्यों उठाए गंभीर सवाल?
केतन का शव खाई से निकालने वाले रेस्क्यू टीम के सदस्य सुनील गायकवाड़ ने उस दिन का आंखों देखा हाल बयां किया है। उन्होंने बताया,
"18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे हमें सूचना मिली थी। जब हम नीचे पहुंचे तो देखा कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, उसकी खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैर टूटे थे। दोपहर 1:30 बजे तक शव को एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। वहां हर कोई रो रहा था, लेकिन सिया एकदम शांत और सामान्य खड़ी थी, जो बेहद अजीब था।"
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्हें घटना वाले दिन ही सिया पर शक हो गया था। जब मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने कहा कि केतन की सांसें चल रही हैं, उसे अस्पताल ले चलो, तो सिया के चेहरे के हावभाव अचानक बदल गए। केतन की बहन ने जब सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी और केतन कैसे गिरा, तो उसने चुप्पी साध ली।
शनिवार (27 जून) को पिंपरी-चिंचवाड़ में परिवार ने कैंडल मार्च निकाला। केतन की मां राखी अग्रवाल ने रोते हुए कहा, "मैं भी एक मां हूं, लेकिन मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन दोनों को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मिले।" पुलिस ने चेतन की बाइक, हुडी और हेडफोन जब्त कर लिए हैं और मामले की कड़ियां तेजी से जुड़ रही हैं।
अब जांच किस दिशा में बढ़ रही है?
पुलिस अब क्राइम सीन रीक्रिएशन, मोबाइल फॉरेंसिक, कॉल रिकॉर्ड, डिलीट चैट, वीडियो रिकॉर्डिंग और आरोपियों के बयानों को एक साथ जोड़कर चार्जशीट मजबूत करने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि घटनास्थल पर किया गया रीक्रिएशन अदालत में भी अहम सबूत साबित हो सकता है। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ जारी है।















Click it and Unblock the Notifications