'भरत की तरह छोटे बेटे को भी मरवा देंगे', Bharat Tiwari की रोती मां का SP पर आरोप, बोलीं- केस खत्म करने का दबाव
Bharat Bhushan Tiwari Encounter: बिहार के भोजपुर में हुआ कथित 'भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर' का मामला अब एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां जवान बेटे को खो चुकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
भरत की मां ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) पर बेहद गंभीर और डराने वाले आरोप लगाए हैं। मृतक की मां आशा देवी का दावा है कि जिले के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी खुद उनके घर पहुंचे और पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

फेसबुक लाइव का वायरल वीडियो, मां के तीखे सवाल और पुलिसिया कार्रवाई पर उठते निशानों ने इस पूरे एनकाउंटर को गहरी मिस्ट्री और विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है।
Bharat Tiwari की रोती मां की चीख: SP ने बिना महिला पुलिस के घर आकर दी धमकी
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में रहने वाली मृतक भरत भूषण की मां आशा देवी ने मीडिया के सामने आकर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के आठ दिन बीत जाने के बाद भोजपुर एसपी उनके घर आए थे। आशा देवी ने रोते हुए मीडिया से बताया-"एसपी साहब बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के हमारे घर के अंदर घुस आए। उन्होंने हमसे बहुत कड़क लहजे में कहा कि अब इस मामले को यहीं खत्म कर दीजिए। मीडिया के सामने ज्यादा बयानबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर ऐसा करना बंद नहीं किया, तो जैसे तुम्हारे बड़े बेटे भरत को मारा है, वैसे ही तुम सबको भी मरवा देंगे।"
छोटे बेटे को अकेले में ले जाकर कहा- 'तेरा भी वही हाल करेंगे'
मां का आरोप यहीं नहीं थमा। उन्होंने कहा कि एसपी ने उनके छोटे बेटे चंदन तिवारी को परिवार से अलग ले जाकर डराया। एसपी ने चंदन से कहा कि भरत एक अपराधी था और उसने थानेदार पर बंदूक तानी थी, इसलिए उसे मार दिया गया। आशा देवी के मुताबिक, पुलिस कप्तान ने छोटे बेटे चंदन को चेतावनी दी कि अगर वह भी मीडिया और कोर्ट के सामने ज्यादा बोलेगा, तो उसका अंजाम भी उसके भाई भरत भूषण जैसा ही होगा।
फेसबुक लाइव का वो वीडियो: हथियार फेंक चुका था भरत, फिर क्यों मारी गोली?
इस पूरे मामले में पुलिस की थ्योरी पर सबसे बड़ा सवाल खुद भरत भूषण तिवारी के मोबाइल ने खड़ा किया है। परिजनों का दावा है कि जिस वक्त पुलिस ने भरत को घेरा, वह अपने मोबाइल से फेसबुक पर लाइव था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत भूषण ने पुलिस को सामने देखकर अपने हथियार दूर फेंक दिए थे और सरेंडर करने के लिए दोनों हाथ खड़े कर दिए थे।
अब पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग सरकार से यह सवाल पूछ रहे हैं कि जब एक आरोपी ने कानून के सामने अपने हथियार डाल दिए थे और सरेंडर कर चुका था, तो ऐसी कौन सी मजबूरी या परिस्थिति आ गई कि पुलिस ने उस पर सीधे गोलियां बरसा दीं? क्या यह एनकाउंटर पहले से प्लान की गई एक हत्या थी?
दबाव के बाद आरोपी पुलिसवालों पर FIR दर्ज
इस कथित एनकाउंटर को लेकर जनता के बढ़ते आक्रोश, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और राजनीतिक दलों की मांग के बाद आखिरकार प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा है। शाहपुर थाने में इस एनकाउंटर को अंजाम देने वाले जगदीशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), शाहपुर के थाना अध्यक्ष (SHO) और एनकाउंटर टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।
हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस खुद अपने ही अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच नहीं करेगी, इसलिए वे इस मामले की हाई कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर भोजपुर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। लेकिन एक मां के इन संगीन आरोपों ने बिहार पुलिस की साख और कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है।














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